बोर्ड मीटिंग में डिविडेंड और फंड जुटाने पर होगा मंथन
Unifinz Capital India Limited का बोर्ड 28 मार्च, 2026 को एक अहम बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में सबसे बड़ा एजेंडा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने पर विचार करना है। अगर बोर्ड इस प्रस्ताव को हरी झंडी देता है, तो 6 अप्रैल, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी, जिसके आधार पर शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड मिलेगा।
इसके अलावा, कंपनी अपनी वित्तीय सहूलियत बढ़ाने और लोन देने वाले अपने कारोबार को और मजबूती देने के उद्देश्य से नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के जरिए अपनी उधारी की सीमा को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा करेगी।
इस बीच, कंपनी ने इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए 28 मार्च से 30 मार्च, 2026 तक ट्रेडिंग विंडो बंद रखने की घोषणा की है।
शेयरधारकों और कंपनी के लिए क्यों है अहम?
शेयरहोल्डर्स के नजरिए से, अंतरिम डिविडेंड का ऐलान तुरंत रिटर्न का एक जरिया बन सकता है। वहीं, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) के तौर पर Unifinz Capital के लिए NCD के जरिए उधारी की सीमा बढ़ाना, कंपनी के पूंजी ढांचे को मजबूत करने और अपने लोन बांटने के परिचालन को बढ़ावा देने की एक रणनीतिक चाल है।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति
आपको बता दें कि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) में Unifinz Capital ने ₹147.55 करोड़ का रेवेन्यू और ₹27.06 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी का शेयरधारकों को रिटर्न देने का इतिहास रहा है, जैसे फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए ₹0.50 प्रति शेयर का इक्विटी डिविडेंड। हाल ही में, कंपनी ने मार्च 2026 में 13% कूपन रेट पर ₹30 करोड़ और फरवरी 2026 में ₹75 करोड़ के NCD इश्यू भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। कंपनी ने दिसंबर 2025 में 4:1 का बोनस शेयर इश्यू भी किया था।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
हालांकि, कंपनी को कुछ नियामकीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2025 में BSE ने बोर्ड संरचना से संबंधित नियमों का पालन न करने पर ₹2.47 लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही, इंडिया रेटिंग्स ने फरवरी 2026 में कंपनी के फंड जुटाने के प्रोफाइल और फंड की लागत को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं। यह भी याद रखना महत्वपूर्ण है कि अंतरिम डिविडेंड का ऐलान बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा?
अब सभी की निगाहें 28 मार्च को होने वाली बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर टिकी होंगी, खासकर डिविडेंड की राशि और नई NCD लिमिट के ऐलान पर। इसके बाद कंपनी के नतीजों पर नजर रखी जाएगी कि वह अपनी मजबूत हुई पूंजी संरचना का इस्तेमाल कैसे करती है।
