बोर्ड मीटिंग में डिविडेंड और NCD लिमिट पर मंथन
Unifinz Capital India Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक अहम बैठक आज, 28 मार्च 2026 को निर्धारित है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित करना और कंपनी की नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की लिमिट की समीक्षा करना है। कंपनी ने किसी भी डिविडेंड के लिए पात्रता तय करने हेतु 6 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड डेट (Record Date) तय किया है।
निवेशकों और कंपनी के लिए क्या है खास?
यह संभावित अंतरिम डिविडेंड शेयरधारकों को उनके निवेश पर एक अच्छा रिटर्न दे सकता है, खासकर कंपनी के हालिया मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए। वहीं, NCD जारी करने की बढ़ाई गई लिमिट कंपनी को भविष्य में कर्ज जुटाने में और मदद कर सकती है, जिससे ऑपरेशन्स और ग्रोथ इनिशिएटिव्स को सहारा मिलेगा।
कंपनी का परिचय और हालिया परफॉरमेंस
Unifinz Capital एक स्थापित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जिसकी स्थापना 1982 में हुई थी। यह 'lendingplate' ब्रांड के तहत पर्सनल, व्हीकल, MSME और मॉर्गेज लोन देती है, जो ज्यादातर कम बैंकिंग पहुंच वाले लोगों को कवर करते हैं।
हाल ही में, कंपनी ने FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे पेश किए थे, जो काफी दमदार रहे। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 340.9% बढ़कर ₹27.06 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू ₹147.55 करोड़ रहा। यह मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ डिविडेंड देने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती है।
फंड जुटाने की गतिविधियां
फंडिंग के मोर्चे पर, Unifinz Capital ने हाल के महीनों में डेट मार्केट में सक्रियता दिखाई है। मार्च 2026 में, कंपनी ने 13% कूपन रेट के साथ ₹30 करोड़ के NCD इश्यू किए थे। इससे पहले फरवरी 2026 में ₹75 करोड़ के NCD जारी किए गए थे। इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने कंपनी के डेट इंस्ट्रूमेंट्स को 'BBB-'/Stable रेटिंग दी है। इसके अलावा, कंपनी ने दिसंबर 2025 में 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर भी जारी किए थे।
संभावित जोखिम
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। दिसंबर 2025 में, BSE ने बोर्ड कंपोजिशन नियमों के पालन में लापरवाही (एक महिला डायरेक्टर की कमी) के चलते कंपनी पर ₹2.47 लाख का जुर्माना लगाया था। इंडिया रेटिंग्स ने फरवरी 2026 तक कंपनी के 'कंसन्ट्रेटेड फंडिंग प्रोफाइल और हाई कॉस्ट ऑफ फंड्स' जैसी चिंताओं को भी उजागर किया है। डिजिटल लेंडिंग से जुड़े मैक्रो रेगुलेटरी जोखिम भी मुनाफे और ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। नवंबर 2025 में कंपनी को सेलिंग प्रेशर का सामना करना पड़ा था, जिससे स्टॉक लोअर सर्किट पर पहुंच गया था।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Unifinz Capital, Bajaj Finance Ltd., Shriram Finance Ltd., और Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी NBFC सेक्टर में काम करती है। एक मिड-साइज़ प्लेयर के तौर पर, इसके रणनीतिक पूंजी प्रबंधन और शेयरधारक रिटर्न के फैसलों पर बारीकी से नजर रखी जाती है।
मुख्य फाइनेंशियल स्नैपशॉट:
- Q3 FY26 के लिए नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹27.06 करोड़
- Q3 FY26 के लिए रेवेन्यू: ₹147.55 करोड़
- मार्च 2026 में NCD इश्यू की मंजूरी: ₹30 करोड़
- 1HFY26 के अनुसार डेट-टू-इक्विटी रेशियो: 1.13x
आगे क्या देखें:
निवेशक 28 मार्च को बोर्ड द्वारा घोषित किए जाने वाले अंतरिम डिविडेंड की राशि पर नजर रखेंगे। किसी भी संशोधित NCD इश्यू लिमिट और उसकी शर्तों का विवरण भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की पूंजी आवंटन रणनीति या ऋण प्रबंधन पर कोई टिप्पणी, साथ ही भविष्य के वित्तीय नतीजे, आगे की जानकारी प्रदान करेंगे।
