GST डिमांड में भारी कटौती
UCO Bank ने अपने एक बड़े टैक्स संबंधी मामले में कामयाबी हासिल की है। अपीलीय प्राधिकरण (Appellate Authority) के आदेश के अनुसार, बैंक पर लगाए गए ₹1,473.48 करोड़ के वस्तु एवं सेवा कर (GST) डिमांड को घटाकर अब मात्र ₹4.86 करोड़ कर दिया गया है। इस पर लागू होने वाला ब्याज और पेनाल्टी (Penalty) अलग से जोड़ा जाएगा। बैंक को यह आदेश 24 अप्रैल, 2026 को मिला, जिसकी घोषणा 4 मई, 2026 को की गई।
टैक्स विवाद की पृष्ठभूमि
यह बड़ा GST डिमांड फरवरी 2025 में बैंक के खिलाफ आया था। यह 2017-18 और 2018-19 के फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए कथित तौर पर कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) के गलत दावे से जुड़ा था। बैंक ने इस डिमांड को कानूनी रूप से कमजोर बताते हुए अपील करने का निर्णय लिया था।
वित्तीय राहत और निवेशक सेंटीमेंट
₹1,400 करोड़ से अधिक की देनदारी का कम होना बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय राहत है। इससे बैंक की बैलेंस शीट (Balance Sheet) मजबूत होगी और वित्तीय स्वास्थ्य सुधरेगा। इस तरह के बड़े टैक्स देनदारी का हल निकलना निवेशकों के सेंटीमेंट (Investor Sentiment) के लिए भी सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि यह बैंक के रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management) की क्षमता को दर्शाता है।
अन्य टैक्स संबंधी मामले
हाल के महीनों में UCO Bank को कुछ अन्य टैक्स संबंधी मोर्चों पर भी राहत मिली है। फरवरी 2026 में, बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) के उल्लंघन के लिए ₹38.60 लाख का जुर्माना चुकाया था। इसके अतिरिक्त, अप्रैल 2026 में, इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने बैंक के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) से संबंधित ₹268.74 करोड़ की अतिरिक्त मांग को भी हटा दिया था।
आगे क्या?
हालांकि मुख्य GST डिमांड काफी कम हो गई है, बैंक अभी भी अंतिम आदेश की समीक्षा कर रहा है ताकि लागू होने वाले ब्याज और पेनाल्टी की सही गणना की जा सके। मैनेजमेंट (Management) द्वारा इस मामले पर आगे की रणनीति और अन्य चल रहे टैक्स मुद्दों पर अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
बैंक का हालिया प्रदर्शन
बता दें कि UCO Bank ने हाल ही में समाप्त हुए चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹801 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23% अधिक है। इसी अवधि में बैंक के ग्रॉस एडवांसेज़ (Gross Advances) में 19.44% की वृद्धि देखी गई, जो ₹2.63 लाख करोड़ तक पहुंच गए। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए, बैंक का नेट प्रॉफिट 13.21% बढ़कर ₹2,768 करोड़ रहा।
