साल भर की शानदार कमाई, पर तिमाही नतीजों में आई गिरावट
UCO Bank ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। इस अवधि में बैंक ने 13.21% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹2,767.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह शानदार प्रदर्शन बैंक की एसेट क्वालिटी में आए भारी सुधार का नतीजा है।
चौथी तिमाही में इनकम क्यों घटी?
वार्षिक नतीजों के विपरीत, बैंक की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे कुछ चिंताजनक रहे। इस तिमाही में बैंक की कुल इनकम पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9.48% गिर गई। इस गिरावट का मुख्य कारण 'Other Income' में आई एक बड़ी कमी को बताया जा रहा है, जो किसी विशेष आय का स्रोत हो सकता है जो इस बार नहीं रहा।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक के लिए सबसे अच्छी खबर उसकी एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। वित्तीय वर्ष के अंत तक, टोटल एडवांसेज (Total Advances) के मुकाबले ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) घटकर 2.17% पर आ गए हैं। वहीं, नेट एनपीए (Net NPAs) तो और भी कम होकर सिर्फ 0.27% पर पहुंच गए हैं। यह स्थिति बैंक के लोन पोर्टफोलियो के काफी मजबूत होने का संकेत देती है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड और भविष्य की तैयारी
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बैंक ने ₹0.44 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, बैंक अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने और भविष्य की ग्रोथ के लिए ₹7,700 करोड़ की कैपिटल रेज़ (Capital Raise) की योजना बना रहा है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 18.61% पर है, जो नियामक ज़रूरतों से काफी ऊपर है और इसे किसी भी अप्रत्याशित वित्तीय झटके से बचाने में मदद करेगा।
बाज़ार की चाल और आगे क्या देखें
UCO Bank का यह प्रदर्शन भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) के लिए चल रहे सुधार के दौर का एक हिस्सा है, जहां एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार देखा जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) जैसे बैंक भी इसी तरह के सकारात्मक रुझान दिखा रहे हैं। निवेशकों की नज़रें अब चौथी तिमाही में इनकम में आई गिरावट के कारणों पर बनी रहेंगी, साथ ही बैंक अपनी ₹7,700 करोड़ की कैपिटल रेज़ योजना को कैसे पूरा करता है, यह भी देखना अहम होगा।
