UCO Bank ने इस वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए हैं, जो बाजार के लिए एक अच्छी खबर लेकर आए हैं। पूरी वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए, UCO Bank का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) ₹6,429 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 6.49% अधिक है।
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) घटकर 2.17% पर आ गया, जो पिछले साल से 52 बेसिस पॉइंट्स कम है। नेट एनपीए (Net NPAs) भी बहुत कम 0.27% पर बना हुआ है।
बैंक ने अपनी डिजिटल पहलों, जिन्हें 'प्रोजेक्ट परिवर्तन' (Project Parivartan) नाम दिया गया है, के तहत एसेट्स और लायबिलिटीज़ को ₹25,000 करोड़ के पार पहुंचा दिया है। साथ ही, बैंक ने पिछले वित्तीय वर्ष में 110 नई शाखाएं खोलकर अपनी फिजिकल मौजूदगी को भी बढ़ाया है।
आगे की रणनीति की बात करें तो, UCO Bank ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के लिए 0.95% से 1% तक रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, भविष्य के लिए ₹1,900 करोड़ का एक प्रोविजनिंग बफर (Provisioning Buffer) बनाया गया है, जो जोखिम प्रबंधन (Risk Management) की ओर इशारा करता है। हालांकि, बढ़ती यील्ड्स (Yields) के कारण निवेश पोर्टफोलियो पर ₹135 करोड़ का मार्क-टू-मार्केट (Mark-to-Market) लॉस दर्ज किया गया।
प्रतिस्पर्धा के माहौल में, UCO Bank की 19.44% की एडवांस ग्रोथ पब्लिक सेक्टर के बड़े बैंकों जैसे State Bank of India (लगभग 11%), Punjab National Bank (लगभग 13%) और Bank of Baroda (लगभग 12%) की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर है।
