UCO Bank: बड़ा फैसला! इन लेंडिंग रेट्स में हुई बढ़ोतरी, लोन महंगा होगा? जानें कब से लागू होंगे नए नियम

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AuthorMehul Desai|Published at:
UCO Bank: बड़ा फैसला! इन लेंडिंग रेट्स में हुई बढ़ोतरी, लोन महंगा होगा? जानें कब से लागू होंगे नए नियम
Overview

UCO Bank ने अपने ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव किया है। बैंक ने अपनी कुछ बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स को **10 अप्रैल, 2026** से प्रभावी रूप से बढ़ा दिया है। इसके तहत, 3-महीने की TBLR को **5.35%** कर दिया गया है, वहीं 10-साल G-Sec YTM अब **7.24%** पर पहुंच गई है। हालांकि, बैंक ने MCLR और Repo Linked Rates को स्थिर रखा है।

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UCO Bank के महत्वपूर्ण लेंडिंग रेट्स में बड़ा बदलाव

UCO Bank के एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (ALCO) ने 10 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले कुछ प्रमुख लेंडिंग बेंचमार्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस कदम से खास तरह के लोन महंगे हो जाएंगे।

कौन सी दरें बढ़ीं?

3-महीने की Treasury Bill Linked Rate (TBLR) को 5.30% से बढ़ाकर 5.35% कर दिया गया है। इसके अलावा, सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) से जुड़ी दरों में भी अहम बढ़ोतरी की गई है। 1-साल की अवधि के लिए UCO G-Sec Rate अब 5.72% (पहले 5.58%) हो गई है, और 10-साल G-Sec Yield to Maturity (YTM) को 6.83% से बढ़ाकर 7.24% कर दिया गया है।

क्या कुछ स्थिर रहा?

अच्छी खबर यह है कि बैंक ने ज्यादातर अन्य महत्वपूर्ण दरों को अपरिवर्तित रखा है। इसमें सभी अवधियों के लिए Marginal Cost of Funds-based Lending Rate (MCLR), 6-महीने और 12-महीने की TBLR, Repo Linked Rates (UCO Float और Prime), Base Rate (9.60%) और Benchmark Prime Lending Rate (BPLR, 14.25%) शामिल हैं।

इसका ग्राहकों पर क्या असर होगा?

यह रणनीतिक बदलाव उन उधारकर्ताओं के लिए मायूसी भरा हो सकता है जिनके लोन बढ़ाई गई TBLR और G-Sec बेंचमार्क से जुड़े हैं। ऐसे लोन पर ब्याज का बोझ बढ़ेगा। उदाहरण के लिए, 10-साल G-Sec यील्ड से जुड़े लोन पर अब ज्यादा ब्याज देना होगा।

बैंक की रणनीति

MCLR और अन्य मुख्य दरों को स्थिर रखने का फैसला बताता है कि UCO Bank खास सेगमेंट में फंड की लागत को मैनेज करते हुए, अपने लेंडिंग प्रोडक्ट्स की एक बड़ी हिस्सेदारी पर प्रतिस्पर्धी मूल्य बनाए रखना चाहता है। इन टारगेटेड Hike से बैंक अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बेहतर बनाने की कोशिश कर सकता है।

बैंक के कामकाज की जानकारी

कोलकाता स्थित यह पब्लिक सेक्टर बैंक नियमित रूप से अपने लेंडिंग रेट्स की समीक्षा करता है। बैंक ने हाल ही में, यानी जनवरी 2026 में, MCLR और TBLR बेंचमार्क को घटाया था। वहीं, सितंबर 2025 में भी MCLR कम किए गए थे, जबकि 10-साल G-sec बेंचमार्क को बढ़ाया गया था। बैंक ने हालिया जनवरी-मार्च तिमाही (FY26) के लिए 19% का मजबूत क्रेडिट ग्रोथ दर्ज किया था।

रेगुलेटरी मसले

हालांकि, UCO Bank को अतीत में रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अगस्त 2024 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनुपालन में कमी के लिए ₹2.68 करोड़ का जुर्माना लगाया था। वहीं, फरवरी 2026 में अन्य नियामक मुद्दों के लिए ₹38.60 लाख का जुर्माना लगाया गया था।

बाज़ार की तुलना और वित्तीय स्थिति

State Bank of India, Punjab National Bank और Bank of Baroda जैसे प्रतिद्वंद्वी पब्लिक सेक्टर बैंक भी बाज़ार की स्थितियों और अपने ALCO के फैसलों के अनुसार अपने बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में बदलाव करते रहते हैं।

UCO Bank ने मार्च 2025 के लिए 2.79% का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) दर्ज किया था। फाइनेंशियल ईयर 26 में बैंक ने 19.09% का ईयर-ऑन-ईयर लोन ग्रोथ हासिल किया, और 31 मार्च, 2026 तक कुल डिपॉजिट में 11.22% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.