UCO Bank के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने Q4 FY26 में ₹801 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले 22.7% ज़्यादा है।
बैंक का कुल बिज़नेस भी 14.9% की जोरदार ग्रोथ के साथ ₹5,90,314 करोड़ पर पहुंच गया। यह ग्रोथ मुख्य रूप से 19.4% बढ़कर ₹2,62,752 करोड़ हुए ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) और 11.6% बढ़कर ₹3,27,563 करोड़ हुई टोटल डिपोजिट्स (Total Deposits) की बदौलत है।
बैंक ने अपने लो-कॉस्ट डिपॉजिट्स (Low-cost Deposits) का अनुपात भी बढ़ाया है, जिससे CASA रेश्यो (CASA Ratio) 74 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 38.65% हो गया है। वहीं, ग्लोबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin - NIM) 3.00% पर स्थिर रहा।
संपत्ति की गुणवत्ता (Asset Quality) में भी सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) घटकर 2.17% पर आ गए हैं, जबकि नेट NPAs 0.27% दर्ज किए गए।
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए FY 2025-26 के लिए 4.40% डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (Capital Adequacy Ratio - CAR) 18.61% पर मजबूत बना हुआ है, जो आगे लोन देने की क्षमता के लिए एक अच्छा संकेत है।
बैंक का रिटेल कस्टमर्स, एग्रीक्लचर और MSME सेक्टर में एडवांसेज बढ़ाना, यह दिखाता है कि वह इन क्षेत्रों की ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए तैयार है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि पिछले कुछ समय में बैंक को कुछ रेगुलेटरी फाइन (Regulatory Fine) भी लगे हैं। RBI ने फरवरी 2026 में ₹38.60 लाख और अगस्त 2024 में ₹2.68 करोड़ का जुर्माना लगाया था। बैंक का कहना है कि इनগুলোর का वित्तीय प्रभाव ज़्यादा नहीं था और सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
