UCO Bank ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने प्रोविजनल फाइनेंशियल आंकड़े जारी किए हैं। ये आंकड़े बैंक के विभिन्न प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में साल-दर-साल महत्वपूर्ण विस्तार दर्शाते हैं।
कुल बिज़नेस में 14.59% का इजाफा हुआ और यह ₹5.89 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इस ग्रोथ की मुख्य वजह कुल एडवांसेज (Advances) यानी लोन में 19.09% की शानदार बढ़ोतरी है, जो ₹2.62 लाख करोड़ तक पहुंच गए। वहीं, टोटल डिपॉजिट्स (Deposits) में भी 11.22% की ग्रोथ दर्ज की गई और यह ₹3.27 लाख करोड़ हो गई।
डोमेस्टिक लेवल पर UCO Bank के एडवांसेज में 20.00% का इजाफा हुआ, जबकि डिपॉजिट्स 10.14% बढ़ीं। बैंक ने डोमेस्टिक फ्रंट पर 38.48% का CASA रेश्यो (Current Account Savings Account ratio) और 80.12% का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेश्यो बनाए रखा।
एडवांसेज में यह मजबूत बढ़ोतरी मजबूत क्रेडिट विस्तार का संकेत देती है और यह संभवतः बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधि को दर्शाती है। UCO Bank ने इस दौड़ में अच्छी मार्केट शेयरिंग हासिल की है। वहीं, डिपॉजिट्स में ठोस ग्रोथ बैंक के ऑपरेशंस के लिए एक स्थिर फंडिंग बेस प्रदान करती है।
एक पब्लिक सेक्टर लेंडर के तौर पर, UCO Bank ने अपने बैलेंस शीट को एक्सपैंड करने और एफिशिएंसी (efficiency) को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। यह ग्रोथ पब्लिक सेक्टर बैंकों में देखी जा रही हालिया ट्रेंड्स के अनुरूप है, जिन्हें आर्थिक रिकवरी और टारगेटेड स्ट्रैटेजीज (strategies) से फायदा हुआ है।
हालांकि ये प्रोविजनल आंकड़े हैं, लेकिन एडवांसेज में मजबूत ग्रोथ फाइनल ऑडिटेड नतीजों के जारी होने पर हायर नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income - NII) की संभावनाओं का संकेत देती है। डिपॉजिट ग्रोथ भी भविष्य की लेंडिंग एक्टिविटीज के लिए बैंक की फंडिंग स्टेबिलिटी को मजबूत करती है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और बैंक के ऑडिटर द्वारा ऑडिट किए जाने के अधीन हैं। फाइनल ऑडिटेड नतीजों में कुछ भिन्नताएं देखी जा सकती हैं।
UCO Bank के 19.09% एडवांसेज ग्रोथ और 14.59% टोटल बिज़नेस ग्रोथ के आंकड़े प्रभावशाली हैं। जैसे ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India), पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank), और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) जैसे पीयर बैंक्स के फुल-ईयर नतीजे आएंगे, तो UCO Bank के परफॉर्मेंस की तुलना उनसे की जाएगी।
निवेशक FY2025-26 के फाइनल ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों पर नज़र रखेंगे। वे एसेट क्वालिटी (asset quality) मेट्रिक्स जैसे नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Net NPA) रेश्यो, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin - NIM) और ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर ध्यान देंगे। पोस्ट-रिजल्ट्स कॉल्स के दौरान मैनेजमेंट की ग्रोथ आउटलुक और स्ट्रैटेजिक प्राथमिकताओं पर कमेंट्री भी अहम होगी।
