UCO Bank AGM: ₹2700 करोड़ जुटाने की तैयारी, ₹0.44 डिविडेंड का प्लान, शेयरहोल्डर्स का फैसला अहम

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AuthorNeha Patil|Published at:
UCO Bank AGM: ₹2700 करोड़ जुटाने की तैयारी, ₹0.44 डिविडेंड का प्लान, शेयरहोल्डर्स का फैसला अहम
Overview

UCO Bank 12 जून, 2026 को अपनी 23वीं सालाना आम बैठक (AGM) आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में कंपनी अपने FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देगी और शेयरधारकों को **₹0.44** प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भुगतान करने का प्रस्ताव रखेगी। सबसे अहम एजेंडा ₹2700 करोड़ तक की इक्विटी कैपिटल जुटाने का है, जो कि बैंक के लिए 25% मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नॉर्म को पूरा करने के लिए बेहद ज़रूरी है।

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₹2700 करोड़ जुटाकर UCO Bank बढ़ाएगी अपनी ताकत

UCO Bank ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए ₹2700 करोड़ तक की बड़ी इक्विटी कैपिटल रेज करने की योजना बनाई है। साथ ही, बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹0.44 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी प्रस्ताव दिया है, जिस पर शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी ली जाएगी।

AGM में क्या-क्या होगा खास?

12 जून, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस 23वीं AGM में कई अहम फैसले लिए जाएंगे। एजेंडे में वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजों को मंजूरी देना और डिविडेंड की घोषणा शामिल है।

बैंक का सबसे बड़ा फोकस ₹2700 करोड़ तक का कैपिटल जुटाना है, जिसके तहत 270 करोड़ तक के नए शेयर जारी किए जा सकते हैं। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैंक की वर्तमान पब्लिक शेयरहोल्डिंग सिर्फ 9.05% है, जो कि सरकार द्वारा अनिवार्य 25% मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नॉर्म से काफी कम है। इस नियम का पालन न करने पर कंपनी को डीलिस्टिंग जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, बोर्ड में नए सदस्य के तौर पर श्री हरि हर मिश्रा की नियुक्ति पर भी शेयरधारकों से वोट लिया जाएगा।

क्यों यह फैसला अहम है?

मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म को पूरा करना किसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए एक कानूनी आवश्यकता है। इस कैपिटल रेज से न केवल बैंक का कैपिटल बेस मजबूत होगा, बल्कि उसकी वित्तीय स्थिरता भी बढ़ेगी। हालांकि, बड़े पैमाने पर शेयर जारी करने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Ownership) में डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है। वहीं, प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों को बैंक के मुनाफे से सीधा रिटर्न देगा।

बैकग्राउंड

UCO Bank, जो कि भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक पब्लिक सेक्टर की बैंक है, रिटेल, कॉर्पोरेट और इंटरनेशनल बैंकिंग सेगमेंट में काम करती है। पब्लिक सेक्टर के बैंकों को अक्सर रेगुलेटरी और कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी सहायता या फंड रेज करने की आवश्यकता पड़ती है। बैंक ने जनवरी 2022 में RBI के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क से बाहर निकलकर अपनी बेहतर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का संकेत दिया था।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.