क्यों मिली 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस से छूट?
SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) नियम का मुख्य मकसद भारत के डेट मार्केट को और मजबूती देना है। इस नियम के तहत, पहचानी गई बड़ी कंपनियों को अपने नए कर्ज का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए ही जुटाना होता है। LC के तौर पर पहचानी जाने वाली कंपनियों को कुछ अनिवार्य डिस्क्लोजर की जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। Trustedge Capital का LC न होना उसे इन खास रेगुलेटरी बोझों से बचाता है और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी देता है।
यह क्लासिफिकेशन आम तौर पर किसी कंपनी की उधारी क्षमता और क्रेडिट रेटिंग को दर्शाता है, जो SEBI द्वारा तय किए गए 'लार्ज कॉर्पोरेट' थ्रेशोल्ड से नीचे हैं।
Trustedge Capital का बैकग्राउंड
Trustedge Capital एक रजिस्टर्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो भारत में फाइनेंसिंग और इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज में सक्रिय है। इसमें शेयर्स, डेट इंस्ट्रूमेंट्स और म्यूचुअल फंड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश शामिल है। SEBI के फ्रेमवर्क के अनुसार, 'लार्ज कॉर्पोरेट' उस लिस्टेड एंटिटी को माना जाता है जिसकी आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स (Long-term borrowings) ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा हो और जिसका क्रेडिट रेटिंग 'AA और उससे ऊपर' की हो।
लगभग ₹148 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, Trustedge Capital इन फाइनेंशियल थ्रेशोल्ड से काफी नीचे है। हाल ही में, कंपनी ने अक्टूबर 2025 में इक्विटी कैपिटल जुटाने के लिए एक राइट्स इश्यू (Rights Issue) पूरा किया था।
बाज़ार में और भी ऐसी कंपनियाँ
यह कोई अकेला मामला नहीं है। कई दूसरी कंपनियों ने भी अपना नॉन-लार्ज कॉर्पोरेट स्टेटस कन्फर्म किया है। यह उन एंटिटीज के लिए एक आम कंप्लायंस इवेंट है जो SEBI के फाइनेंशियल थ्रेशोल्ड को पूरा नहीं करतीं:
- Modern Shares And Stockbrokers Limited ने कन्फर्म किया कि उसके पास कोई आउटस्टैंडिंग डेट सिक्योरिटीज नहीं होने के कारण वह LC नहीं है।
- Agribio Spirits Limited ने भी FY 2026-27 के लिए अपना नॉन-LC स्टेटस बताया, जिसका कारण अपर्याप्त बोरिंग्स और क्रेडिट रेटिंग को बताया गया।
- Kalyani Investment Company Limited ने भी 31 मार्च 2026 तक अपना नॉन-LC स्टेटस कन्फर्म किया था।
