SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए, Transwarranty Finance Limited ने एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने अपने चौथे तिमाही (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों की घोषणा से पहले, 1 अप्रैल 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है।
इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि कंपनी के अंदरूनी लोग, जैसे कि डायरेक्टर्स और डेजिग्नेटेड एम्प्लॉईज़, साथ ही उनके करीबी रिश्तेदार, नतीजों की घोषणा होने के 48 घंटे बाद तक कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
यह कदम बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी व्यक्ति नतीजों से जुड़ी अंदरूनी, मूल्य-संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल करके शेयर बाजार में फायदा न उठा सके।
Transwarranty Finance Limited, जो 1994 से RBI-रजिस्टर्ड एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम कर रही है, अपने निवेशकों के लिए इस तरह के नियमों का पालन करती है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि इस तरह ट्रेडिंग विंडो बंद करना भारतीय शेयर बाजार में एक आम और मानक प्रक्रिया है। Bajaj Finance और Shriram Finance जैसी अन्य प्रमुख NBFCs भी SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के अनुपालन में ऐसा ही करती हैं।
अब निवेशक कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए जारी किए जाने वाले ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। नतीजों की घोषणा के बाद ही ट्रेडिंग विंडो दोबारा खुलेगी।
