Transcorp International ने अपने रेगुलेटरी स्टेटस को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने कंफर्म किया है कि वह सेबी (SEBI) द्वारा परिभाषित 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) की श्रेणी में नहीं आती है। इस वजह से, कंपनी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के 22 मई, 2024 को जारी किए गए मास्टर सर्कुलर SEBI/HO/DDHS/PoD1/P/CIR/2024/54 के तहत आने वाले फंड जुटाने के नियमों से मुक्त हो गई है। यह सर्कुलर विशेष रूप से 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) के माध्यम से फंड जुटाने के मानदंडों को नियंत्रित करता है।
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि वह सेबी के 'लार्ज कॉर्पोरेट' के रूप में वर्गीकृत होने की शर्तों को पूरा नहीं करती है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का बकाया कर्ज (outstanding borrowings) शून्य था। इसके अलावा, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग 'BWR BB/ Stable' है, जो ब्रिकवर्क रेटिंग्स (Brickwork Ratings) द्वारा दी गई है। इन दोनों बातों को मिलाकर, Transcorp International सेबी की 'लार्ज कॉर्पोरेट' की परिभाषा के दायरे से बाहर है।
SEBI के अनुसार, 'लार्ज कॉर्पोरेट' में वे लिस्टेड एंटिटीज (Banks को छोड़कर) शामिल हैं, जिनकी लंबी अवधि का कर्ज या तो ऐतिहासिक रूप से ₹100 करोड़ रहा है, जिसे अब ₹1000 करोड़ कर दिया गया है, और जिनकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर हो। चूंकि Transcorp International इन मापदंडों को पूरा नहीं करती, इसलिए यह सर्कुलर में बताए गए अनिवार्य अनुपालन दायित्वों से बच गई है। इसका मतलब है कि कंपनी पर कर्ज का एक निश्चित प्रतिशत डेट सिक्योरिटीज के माध्यम से जुटाने का कोई दबाव नहीं है।
यह स्पष्टीकरण Transcorp International के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि यह उन्हें उन नियमों से बाहर रखता है जो बहुत बड़ी कंपनियों के लिए बनाए गए हैं। सेबी का उद्देश्य कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मजबूत करना है, लेकिन Transcorp International की वर्तमान स्थिति और वित्तीय रणनीति, जिसमें शून्य कर्ज शामिल है, बताती है कि कंपनी आंतरिक फंड या कर्ज से बचने वाली ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी अतीत में कुछ रेगुलेटरी मुद्दों का सामना कर चुकी है। जून 2025 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने FEMA नियमों का पालन न करने पर कंपनी पर ₹15.30 लाख का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, 2024 में, BSE ने संबंधित पक्ष के लेनदेन (related party transactions) की देर से रिपोर्टिंग के लिए कंपनी पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया था।
निवेशक और हितधारक भविष्य में Transcorp International की कर्ज योजनाओं या उसकी क्रेडिट रेटिंग में किसी भी बदलाव पर नजर रख सकते हैं।