सेक्रेटेरियल ऑडिट से छूट, वजह क्या है?
कंपनी ने फाइलिंग में बताया है कि SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के रेगुलेशन 24A के तहत आने वाली ऑडिट रिपोर्ट उसे फाइल नहीं करनी होगी। यह छूट उन लिस्टेड कंपनियों को मिलती है जिनका पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल पिछले फाइनेंशियल ईयर के आखिरी दिन तक ₹10 करोड़ से ज्यादा न हो और नेट वर्थ ₹25 करोड़ से कम हो।
Tirupati Finlease के आंकड़े
Tirupati Finlease Ltd. ने पुष्टि की है कि वह इन शर्तों को पूरा करती है। कंपनी का पेड-अप कैपिटल लगभग ₹3 करोड़ है, जो कि ₹10 करोड़ की सीमा से काफी नीचे है। 31 मार्च, 2024 तक कंपनी का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹3,00,04,200 दर्ज किया गया था।
अनुपालन का बोझ कम
इस छूट से Tirupati Finlease पर प्रशासनिक और अनुपालन का बोझ काफी कम हो जाएगा। कंपनी का मैनेजमेंट अब अपने मुख्य बिजनेस एक्टिविटीज, जैसे लीजिंग और निवेश पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेगा, बजाय इसके कि वह विस्तृत रेगुलेटरी रिपोर्टिंग में समय लगाए।
कंपनी की पृष्ठभूमि
1993 में स्थापित, Tirupati Finlease Ltd. फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। यह मुख्य रूप से लीजिंग, ट्रेडिंग और शेयर व सिक्योरिटीज में निवेश के कारोबार से जुड़ी है।
इंडस्ट्री में ऐसी छूट आम
Industry में कई छोटी लिस्टेड कंपनियां, जैसे Emerald Leisures Limited और ANS Industries Limited, भी इसी तरह की छूट का लाभ उठाती हैं। यह नियम समान आकार की कंपनियों के लिए एक सामान्य कंप्लायंस सुविधा है।
भविष्य के लिए क्या?
निवेशक Tirupati Finlease की तरफ से भविष्य में इन फाइनेंशियल थ्रेशोल्ड्स को बनाए रखने की उम्मीद करेंगे। अगर भविष्य में कंपनी के पेड-अप कैपिटल या नेट वर्थ में ऐसा कोई बदलाव आता है जिससे रेगुलेशन 24A लागू हो सकता है, तो कंपनी एक्सचेंज को सूचित करेगी।
