Tashi India Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को हुई अपनी बैठक में तीन नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के इस्तीफे और एक नए एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर श्री मोनल मालजी की नियुक्ति को मंजूरी दी।
श्री रोहित हरगोविंद बजाज, श्री सुनील हरगोविंद बजाज और श्री सुनीलचंद्र वृंदावन अग्रवाल ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। इन डायरेक्टर्स ने बोर्ड में अपने लगातार दो कार्यकाल पूरे कर लिए थे, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।
इसी के साथ, श्री मोनल मालजी को एक एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। हालांकि, इस नियुक्ति पर शेयरधारकों की मुहर आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में लगनी बाकी है।
ये बोर्ड में बदलाव Tashi India के कामकाज और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन पर सीधा असर डालेंगे। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस, शेयरधारकों के हितों की सुरक्षा और निष्पक्ष सलाह के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं।
भारतीय रेगुलेशन, खासकर SEBI के नियमों के तहत, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए टर्म लिमिट तय की गई है ताकि बोर्ड में नियमित रूप से नए लोग आते रहें और प्रभावी निगरानी बनी रहे। आम तौर पर, एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर लगातार दो पांच-साल के टर्म, यानी कुल दस साल तक अपनी सेवा दे सकता है। हाल ही में, श्री अक्षय रांका ने भी 2 फरवरी, 2026 को अपने लगातार दो टर्म पूरे करने के बाद एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर अपना कार्यकाल समाप्त किया था।
श्री मोनल मालजी की नियुक्ति आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी पर टिकी है। अगर शेयरधारकों से अप्रूवल नहीं मिलता है, तो बोर्ड में और बदलाव हो सकते हैं।
Tashi India Limited नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में काम करती है। इसके इंडस्ट्री के दूसरे प्रमुख खिलाड़ी Aditya Birla Capital Ltd., Authum Investment & Infrastructure Ltd., और Cholamandalam Investment & Finance Company Ltd. जैसी कंपनियां हैं।
Tashi India Limited की स्थापना 7 जून, 1985 को हुई थी। कंपनी 1998 से रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर रेगुलेट की जा रही है।
