SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन
SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने Prohibition of Insider Trading Regulations, 2015 के तहत यह कदम उठाया है। यह क्लोजर (Closure) कंपनी के 31 मार्च, 2026 को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले हुआ है।
कौन नहीं कर सकता ट्रेडिंग?
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोग (Insiders) और उनके करीबी रिश्तेदार TTI Enterprise के किसी भी शेयर को खरीद या बेच नहीं पाएंगे। यह नियम मार्केट की अखंडता (Market Integrity) बनाए रखने और किसी भी गैर-सार्वजनिक जानकारी के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए लगाया गया है।
कंपनी का प्रोफाइल और पिछला रिकॉर्ड
TTI Enterprise, जो 1981 में स्थापित एक कोलकाता-आधारित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, मुख्य रूप से निवेश और फाइनेंसिंग का काम करती है। हाल के वर्षों में कंपनी के कंट्रोल और मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। पिछले साल, 31 मार्च, 2022 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए भी कंपनी ने SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का सफलतापूर्वक पालन किया था, जिसकी पुष्टि सेक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (Secretarial Compliance Report) में हुई थी।
निवेशक अब कंपनी की बोर्ड मीटिंग की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नतीजों की मंजूरी के बाद, जब फाइनेंशियल रिजल्ट्स घोषित होंगे, तो उसके 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
