गाइडेंस से बेहतर रहा TMB का प्रदर्शन
बैंक का टोटल बिज़नेस 17.37% बढ़कर ₹1,15,091 करोड़ पर पहुंच गया, जो 15% के लक्ष्य से काफी ज़्यादा है। डिपॉजिट्स में 14.94% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई (गाइडेंस 13-13.5% था) और CASA डिपॉजिट्स 22.35% बढ़ गए (गाइडेंस 15%+ था)। एडवांसेज़ (Advances) में 20.32% की ग्रोथ देखी गई (गाइडेंस 16-17% था)।
मुनाफे की बात करें तो नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.18% रहा (गाइडेंस 3.90%-3.95% था), रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 2.05% (गाइडेंस 1.85%+) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15.03% (गाइडेंस 14%+) रहा, ये सभी उम्मीदों से बेहतर हैं।
एसेट क्वालिटी में ज़बरदस्त सुधार आया है, जहाँ ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 0.73% पर आ गए, जो 1% के गाइडेंस से काफी कम और बैंक के लिए 10 साल का सबसे निचला स्तर है।
स्ट्रैटेजिक टर्नअराउंड का दिखा असर
ये नतीजे बैंक के लीडरशिप बदलाव और स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन प्लान के सफल एग्जीक्यूशन का नतीजा हैं। नई लीडरशिप CASA बेस को मज़बूत करने, NIM बढ़ाने और MSME सेगमेंट में ग्रोथ लाने पर फोकस कर रही है। बैंक 60 नए ब्रांच खोलने की तैयारी में है, जिनमें से 20 तमिलनाडु के बाहर होंगी, ताकि ज़्यादा मार्केट शेयर कैप्चर किया जा सके।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इस स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है, जिसमें Oracle Fusion और Digital Engagement Hub जैसे सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। इनका मकसद कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर करना, ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना और एफिशिएंसी बढ़ाना है।
बैंक की बुनियाद और विकास
Tamilnad Mercantile Bank साउथ इंडिया में अच्छी पकड़ रखने वाला प्राइवेट सेक्टर लेंडर है, जो पारंपरिक तौर पर रिटेल कस्टमर्स और MSMEs को सर्विस देता आया है। बैंक ने हाल ही में नई लीडरशिप को शामिल किया है जो इसके ट्रांसफॉर्मेशन को लीड कर रही है। यह नई दिशा डिजिटल एडॉप्शन और पारंपरिक तमिलनाडु बेस से बाहर भौगोलिक विस्तार पर ज़ोर देती है। TMB अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को भी मैनेज कर रही है, जो उसके एडवांसेज़ का एक बड़ा हिस्सा है।
किन रिस्क पर नज़र रखें?
- गोल्ड लोन पोर्टफोलियो: बैंक के पास गोल्ड लोन का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जिसका लोन-टू-वैल्यू (LTV) 53% है। इसे 25% गोल्ड प्राइस ड्रॉप झेलने के लिए स्ट्रेस-टेस्ट किया गया है, लेकिन गोल्ड की कीमतों में कोई बड़ा झटका एक रिस्क बना रह सकता है।
- प्रोविजनिंग का असर: TMB को एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) के लिए ₹279 करोड़ की अतिरिक्त प्रोविजनिंग की उम्मीद है, हालांकि मौजूदा COVID-19 प्रोविजनिंग एक बफर का काम कर सकती है। बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 143% रहने का अनुमान है।
- इन्वेस्टर और लीगल मुद्दे: TMB शेयर ट्रांसफर और 2007 के बोनस शेयर से जुड़े लीगल मामलों में फंसा हुआ है। 1990 के दशक के मध्य से 38% की शेयरहोल्डिंग डिस्प्यूट की वजह से ट्रेडिंग और डिविडेंड पर असर पड़ा है, हालांकि ऑपरेशंस प्रभावित नहीं हुए हैं। यह डिस्प्यूट एक बड़ा कंसर्न बना हुआ है।
पियर्स से तुलना
अगर हम Federal Bank, City Union Bank और CSB Bank जैसे पियर्स से तुलना करें, तो TMB का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो लगभग 1.15x है, जो पियर एवरेज 1.5x-1.6x से कम है। इसका रिपोर्ट किया गया GNPA 0.73% एक बड़ा सुधार है और Federal Bank (Q4 FY24 में 2.07%), City Union Bank (3.37%), और CSB Bank (1.29%) की तुलना में काफी बेहतर है। TMB के FY26 ROA और ROE के आंकड़े भी पियर ग्रुप में कॉम्पिटिटिव लगते हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
- FY27 में 60 ब्रांच खोलने की योजना का सफल एग्जीक्यूशन, खासकर तमिलनाडु के बाहर 20 ब्रांच।
- CASA में लगातार ग्रोथ और उसके कंपोजीशन में सुधार।
- नए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव्स का परफॉरमेंस और कस्टमर एडॉप्शन।
- लीगल और शेयरहोल्डिंग डिस्प्यूट्स में कोई भी हल या बड़ा डेवलपमेंट।
- NIM एक्सपैंशन और एसेट क्वालिटी में सुधार को बनाए रखना।
