Swastika Investmart: 1 अप्रैल से ट्रेडिंग पर रोक! FY26 नतीजों से पहले SEBI का बड़ा कदम

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AuthorNeha Patil|Published at:
Swastika Investmart: 1 अप्रैल से ट्रेडिंग पर रोक! FY26 नतीजों से पहले SEBI का बड़ा कदम
Overview

Swastika Investmart Limited ने अपने निवेशकों को सूचित किया है कि कंपनी 1 अप्रैल, 2026 से अपनी सिक्योरिटीज (शेयर्स) के कारोबार पर रोक लगा रही है। यह कदम SEBI के नियमों के तहत अंदरूनी व्यापार (Insider Trading) को रोकने के लिए उठाया गया है।

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SEBI के नियमों का पालन: 1 अप्रैल से ट्रेडिंग विंडो बंद

Swastika Investmart Limited ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि वह 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी की ट्रेडिंग विंडो बंद कर रही है। यह रोक 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी। यह एक सामान्य नियामक प्रक्रिया है जिसका पालन SEBI (प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशन, 2015 के तहत किया जाता है।

अंदरूनी व्यापार पर लगेगी लगाम

इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के अंदरूनी लोगों, जैसे प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, और कर्मचारियों द्वारा अप्रकाशित, मूल्य-संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग रोकना है। जब तक वित्तीय नतीजे सार्वजनिक नहीं हो जाते, यह रोक सभी संबंधित पक्षों पर लागू होगी, ताकि सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे और बाज़ार की अखंडता बनी रहे।

कौन-कौन रहेगा प्रतिबंधित?

यह ट्रेडिंग पर रोक कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (Key Managerial Personnel) और अन्य नामित कर्मचारियों पर लागू होगी। उनके करीबी रिश्तेदारों को भी इस अवधि के दौरान शेयरों की खरीद-बिक्री करने की इजाजत नहीं होगी।

कंपनी की एक झलक और पिछला प्रदर्शन

1992 में स्थापित, Swastika Investmart एक फिनटेक कंपनी है जो स्टॉकब्रोकिंग, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और लोन फाइनेंसिंग जैसी वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24) में, कंपनी ने ₹1,147.27 मिलियन का रेवेन्यू और ₹122.85 मिलियन का नेट इनकम दर्ज किया था। हाल ही में, तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹8.29 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 130.28% अधिक है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹6.11 करोड़ रहा, जिसमें 96.5% की बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी को हाल ही में SEBI से रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम करने की मंजूरी मिली है। हालांकि, कंपनी पर NSE द्वारा ₹1.5 लाख और SEBI द्वारा ₹3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।

संभावित जोखिम

अगर FY26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को अंतिम रूप देने और घोषित करने में कोई देरी होती है, तो ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि भी बढ़ सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.