Suryoday Small Finance Bank (Suryoday SFB) ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹115 करोड़ से बढ़कर 32% की बढ़ोतरी के साथ ₹152 करोड़ रहा। कुल आय (Net Total Income) में भी 10.2% का इजाफा हुआ और यह ₹1,458 करोड़ तक पहुंच गई। बैंक ने अपने नए फंड की लगभग 50% हिस्सेदारी डिजिटल माध्यमों से जुटाई है, जो कि फिजिकल चैनलों की तुलना में कम लागत वाली साबित हो रही है।
इस मजबूत ग्रोथ का एक बड़ा कारण बैंक की लोन देने की रणनीति में आया अहम बदलाव है। Suryoday SFB ने जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) लोन से हटकर व्यक्तिगत ग्राहकों को लोन देने पर अपना फोकस बढ़ाया है। यह बदलाव इसलिए भी जरूरी था क्योंकि FY20 से FY22 के बीच माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में काफी दबाव देखा गया था, जिसने कई स्मॉल फाइनेंस बैंकों की एसेट क्वालिटी और प्रोफिटेबिलिटी को प्रभावित किया था। बैंक के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में डिफॉल्ट्स (Defaults) घटकर Q4 FY26 में ₹74 करोड़ पर आ गए हैं। क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU) से अब तक ₹650 करोड़ की वित्तीय सुरक्षा मिली है।
बैंक का मैनेजमेंट इस रणनीति को लेकर काफी आत्मविश्वास में है। उन्होंने FY27 के लिए ₹300 करोड़ के PAT और 1.6% के ROA (Return on Assets) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, बैंक को बढ़ती डिपॉजिट कॉस्ट (Funding Cost) को मैनेज करना होगा और लोकल पोर्टफोलियो स्ट्रेस (Loan Stress) से निपटना होगा, साथ ही लोन के साइज को भी बढ़ाना होगा।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। डिपॉजिट रेट्स में बढ़ोतरी से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक कारणों से डीजल की कीमतों में उछाल से कमर्शियल व्हीकल (CV) बरोअर्स की भुगतान क्षमता पर असर पड़ सकता है। मॉर्टगेज (Mortgage) पोर्टफोलियो में भी कुछ स्ट्रेस देखा गया है, हालांकि ज्यादातर डिफॉल्टर्स अभी भी भुगतान कर रहे हैं।
Peer Banks की बात करें तो, AU Small Finance Bank, Equitas Small Finance Bank, और Ujjivan Small Finance Bank जैसे बड़े खिलाड़ी भी रिटेल लेंडिंग पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन Suryoday SFB की व्यक्तिगत लोन की ओर यह स्ट्रेटेजिक शिफ्ट इसे खास बनाता है।
Investors को CGFMU क्लेम्स (Claims) की वसूली, बढ़ती डिपॉजिट कॉस्ट के बीच NIMs को 8% से 9% के बीच बनाए रखने की बैंक की क्षमता, और 'विकास' इंडिविजुअल लोन पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर पैनी नजर रखनी चाहिए। साथ ही, FY27 के लक्ष्यों को कैसे पूरा किया जाता है, यह देखना अहम होगा।
