कंपनी ने 30 अप्रैल, 2026 को आधिकारिक तौर पर कन्फर्म किया है कि वह SEBI के डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) के ज़रिए फंड जुटाने के नियमों के तहत 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate - LC) की परिभाषा पर खरी नहीं उतरती। यह कन्फर्मेशन 31 मार्च, 2026 तक ₹0 करोड़ के शून्य बकाया बरोइंग (Outstanding Borrowing) के आधार पर आई है।
Stellar Capital ने SEBI के 26 नवंबर, 2018 और 19 अक्टूबर, 2023 के सर्कुलर का ज़िक्र किया, जो 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए मापदंड तय करते हैं। शून्य बरोइंग के साथ, Stellar Capital इन SEBI रेगुलेशंस द्वारा लार्ज कॉर्पोरेट्स के लिए अनिवार्य किए गए विशेष नियमों और अनुपालन (Compliance) से बची रहेगी।
SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट (Corporate Bond Market) को मज़बूत करने के इरादे से लाया गया था। इसमें योग्य कंपनियों को अपने फाइनेंसिंग का एक तय हिस्सा डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाना ज़रूरी होता है। नॉन-एलसी (Non-LC) स्टेटस कन्फर्म करके, Stellar Capital इन अनिवार्य डेट इश्यूएंस (Debt Issuance) की ज़रूरतों और संबंधित डिस्क्लोज़र नॉर्म्स (Disclosure Norms) से बच जाती है।
Stellar Capital Services, जो कि एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है और लेंडिंग पर फोकस करती है, ने ऐतिहासिक रूप से बहुत कम डेट प्रोफाइल बनाए रखा है। यह लेटेस्ट फाइनेंशियल ईयर के अंत तक शून्य बकाया बरोइंग के अपने वर्तमान एलान के अनुरूप है।
मुख्य आंकड़े:
- 31 मार्च, 2026 तक: Stellar Capital Services Ltd. ने ₹0 करोड़ की बकाया बरोइंग (Standalone) दर्ज की।
- फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए: कंपनी का कुल डेट USD 115,000 (Standalone) बताया गया था।
हालांकि वर्तमान स्थिति नियामक आसानी प्रदान करती है, लेकिन भविष्य में बरोइंग में कोई भी महत्वपूर्ण वृद्धि 'लार्ज कॉर्पोरेट' वर्गीकरण को ट्रिगर कर सकती है, जिसके लिए SEBI के डेट इश्यूएंस नियमों का पालन करना होगा।
