NHB, जो हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए शीर्ष रेगुलेटर (Apex Regulator) है, की यह जांच कंपनी पर बढ़ते रेगुलेटरी दबाव (Regulatory Pressure) को दर्शाती है।
Star Housing Finance पहले से ही कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। फरवरी 2026 में इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings & Research) ने कर्ज चुकाने में चूक (Debt Payment Defaults) के चलते कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'IND D' तक गिरा दिया था। कंपनी के ऑडिटर (Auditors) पहले भी लिक्विडिटी (Liquidity) की तंगी, कर्मचारियों को सैलरी देने में देरी और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद लंबे समय से खाली रहने जैसी चिंताओं पर सवाल उठा चुके हैं। इन सबके अलावा, SEBI द्वारा पहले लगाए गए भारी जुर्माने (Penalties) ने भी कंपनी की परेशानियों को और बढ़ाया है।
अब एक स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर (Independent External Auditor) NHB की रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं की गहन समीक्षा करेगा। Star Housing Finance को NHB को अपनी औपचारिक प्रतिक्रिया (Formal Reply) सौंपनी होगी। किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन (Suspicious Transaction) की स्थिति में, इसे तुरंत रेगुलेटरी अथॉरिटीज (Regulatory Authorities) को सूचित करना होगा। इन डेवलपमेंट (Developments) से कंपनी पर आगे और रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Actions) या पेनल्टी (Penalties) लगने का खतरा मंडरा रहा है। साथ ही, कंपनी की प्रतिष्ठा (Reputation) पर भी सवाल उठ सकते हैं और उसकी पहले से कमजोर लिक्विडिटी (Liquidity) पर और दबाव बढ़ सकता है, जिससे भविष्य में फंड जुटाने (Fund Raising) के प्रयासों में बाधा आ सकती है।
30 सितंबर 2025 तक Star Housing Finance का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹568 करोड़ था। कंपनी छह राज्यों में 38 से अधिक शाखाओं (Branches) के साथ परिचालन (Operations) कर रही है। निवेशक अब बाहरी ऑडिट के नतीजों, NHB को कंपनी की प्रतिक्रिया और रेगुलेटरी खुलासों (Regulatory Disclosures) पर बारीकी से नजर रखेंगे। NHB के अगले फैसले कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
