बोर्ड में बड़ा बदलाव
Star Housing Finance Limited ने 31 मार्च, 2026 को यह जानकारी दी कि नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director) श्री प्रदीप कुमार दास ने 30 मार्च, 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से यह फैसला लिया है।
बोर्ड की स्थिरता पर चिंता
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का काम कंपनी के कामकाज पर निष्पक्ष नजर रखना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना होता है। ऐसे डायरेक्टर्स का बार-बार इस्तीफा कंपनी के बोर्ड की स्थिरता और फैसलों की निरंतरता पर सवाल खड़े करता है। यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब Star Housing Finance पहले से ही लिक्विडिटी की दिक्कतों और रेटिंग डाउनग्रेड्स से जूझ रही है। ऐसे में बोर्ड का स्थिर होना स्टेकहोल्डर के भरोसे के लिए बेहद जरूरी है।
कंपनी में लगातार हो रहे फेरबदल
पिछले दो साल में Star Housing Finance के बोर्ड में काफी फेरबदल देखे गए हैं। इस दौरान आशीष जैन (चेयरमैन और एमडी), कविश जैन (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर), चिन्नथम्बि इलंगो (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) और नीलम टेटर (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) जैसे कई डायरेक्टर्स कंपनी छोड़ चुके हैं। हालांकि, बोर्ड में अनुभवी BFSI एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है, फिर भी इन लगातार इस्तीफों पर ध्यान देना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
श्री दास के इस्तीफे से बोर्ड की संरचना में बदलाव आएगा। कंपनी को रेगुलेटरी नियमों के तहत एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति करनी होगी। श्री दास जिन कमेटियों के प्रमुख थे, खासकर अगस्त 2025 में ऑडिट कमेटी के चेयरमैन के तौर पर, उनकी जिम्मेदारियों को भी जल्द ही किसी और को सौंपना होगा। SEBI के नियमों के तहत इस इस्तीफे की समय पर फाइलिंग पर भी नजर रखी जाएगी।
निवेशकों पर असर और जोखिम
कम समय में कई डायरेक्टर्स का कंपनी छोड़ना निवेशकों के सेंटीमेंट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। एक योग्य रिप्लेसमेंट डायरेक्टर की तुरंत नियुक्ति बोर्ड की स्वतंत्रता और रेगुलेटरी मानकों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी की लिक्विडिटी की गंभीर समस्याएँ और रेटिंग डाउनग्रेड्स यह दर्शाते हैं कि एक स्थिर और अनुभवी बोर्ड का होना इन दबावों से निपटने के लिए कितना आवश्यक है। इसके अलावा, श्री दास के जाने से कमेटी के कार्यों पर भी असर पड़ सकता है, जिसके लिए जिम्मेदारियों का शीघ्र पुन: आवंटन जरूरी है।
पीयर्स से तुलना
Bajaj Housing Finance, LIC Housing Finance, और PNB Housing Finance जैसे बड़े हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की तुलना में Star Housing Finance में बोर्ड की स्थिरता कम नजर आती है। हालांकि, छोटी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में इस तरह के बदलाव देखे जा सकते हैं।
पिछला फाइनेंशियल स्ट्रेस
फरवरी 2026 तक, Star Housing Finance गंभीर लिक्विडिटी स्ट्रेस का सामना कर रही थी, जिसके कारण टर्म लोन के भुगतान में देरी हुई। CARE Ratings ने पहले भी कंपनी की बैंक सुविधाओं को डाउनग्रेड किया था, जिसका कारण ऑपरेशन को बढ़ाने में दिक्कतें और फंडिंग की कमी थी।
