Standard Capital Markets: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी हुई पूरी तरह कर्ज-मुक्त, शेयरधारकों को मिली बड़ी राहत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Standard Capital Markets: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी हुई पूरी तरह कर्ज-मुक्त, शेयरधारकों को मिली बड़ी राहत
Overview

Standard Capital Markets ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है! कंपनी ने **₹232.02 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का फाइनल रिडेम्प्शन (redemption) मंजूर कर लिया है। इस कदम से कंपनी **₹500 करोड़** के NCD इश्यू को पूरी तरह चुकाने वाली है और इस खास कर्ज से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी।

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कर्ज-मुक्त होने की राह पर कंपनी

Standard Capital Markets अब अपने ₹500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यू पर पूरी तरह कर्ज-मुक्त होने के कगार पर है। कंपनी के बोर्ड ने ₹232.02 करोड़ के फाइनल रिडेम्प्शन (redemption) को हरी झंडी दे दी है, जो नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के लिए एक बड़े डेट मैनेजमेंट (debt management) प्लान का हिस्सा है।

यह फाइनल रिडेम्प्शन अगले पांच वर्किंग डेज में पूरा होने की उम्मीद है। इस कदम से NCDs से जुड़ा ₹232.02 करोड़ का कर्ज कंपनी के बहीखातों से आधिकारिक तौर पर हट जाएगा। ₹500 करोड़ के NCD प्रोग्राम के पूरी तरह से रिडीम होने के बाद, Standard Capital Markets का लिवरेज (leverage) कम होगा और ब्याज का खर्च भी घटेगा। कंपनी की बैलेंस शीट पर इस खास इश्यू से कोई भी बकाया कर्ज नहीं दिखेगा, जिससे डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) जैसे अहम फाइनेंशियल मेट्रिक्स (financial metrics) में सुधार की संभावना है।

कंपनी का बैकग्राउंड और भविष्य की राह

Standard Capital Markets, जो 1987 में स्थापित एक NBFC है, पर्सनल, गोल्ड और बिजनेस लोन जैसी विभिन्न फाइनेंशियल सर्विसेज देती है। अक्टूबर 2024 में, कंपनी ने ₹500 करोड़ का NCD रेज (raise) शुरू किया था, जिस पर 10% की ब्याज दर और 60 महीने की अवधि थी। इसका मकसद अपनी कैपिटल बेस (capital base) को बढ़ाना और ग्रोथ को सपोर्ट करना था।

पिछले कुछ महीनों में, कंपनी ने इन NCDs को कई किस्तों में सिस्टमैटिक तरीके से रिडीम (redeem) किया है। मार्च 2026 में रिपेमेंट स्ट्रक्चर (repayment structure) को रिसीवेबल्स (receivables) से जुड़ा एक ज्यादा फ्लेक्सिबल मॉडल बनाने के लिए भी बदला गया था, जिसने लिक्विडिटी मैनेजमेंट (liquidity management) को बेहतर बनाया।

प्रमोटरों का सपोर्ट भी दिखता है, जिसमें मार्च 2026 में ₹100 करोड़ के इन्फ्यूजन (infusion) की घोषणा हुई थी, जो ₹195 करोड़ के पिछले इन्फ्यूजन के बाद आया।

इस सकारात्मक कदम के बावजूद, निवेशक Standard Capital Markets की भविष्य की फंडिंग (funding) के लिए कर्ज पर निर्भरता और लोन देने से लगातार मुनाफा कमाने की क्षमता पर नजर रखेंगे। इस दौरान कंपनी के खिलाफ कोई बड़ी रेगुलेटरी (regulatory) समस्या सामने नहीं आई है।

Bajaj Finance, Shriram Finance, Muthoot Finance और Jio Financial Services जैसी बड़ी कंपनियों के साथ NBFC सेक्टर में काम करते हुए, Standard Capital Markets एक माइक्रो-कैप कंपनी है जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) काफी छोटी है। इसका P/E रेशियो 1.6x भी अपने बड़े साथियों की तुलना में काफी कम है, जो इसके अलग मार्केट वैल्यूएशन (market valuation) को दर्शाता है।

मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख फाइनेंशियल मेट्रिक्स में 4.38 का टोटल डेट/इक्विटी रेशियो (Total Debt/Equity Ratio) शामिल है। निवेशक Standard Capital Markets की भविष्य की कैपिटल रेजिंग (capital raising) योजनाओं, अपने मुख्य लेंडिंग बिजनेस के प्रदर्शन (खासकर एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी) और बैलेंस शीट को मजबूत करने के किसी भी अन्य कदम पर नजर रखेंगे। मैनेजमेंट की ओर से ग्रोथ की संभावनाओं, डेट मैनेजमेंट रणनीतियों और कर्ज-मुक्त स्थिति का फंडिंग या विस्तार के लिए कंपनी कैसे उपयोग करने की योजना बना रही है, इस पर कमेंट्री अहम होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.