Spandana Sphoorty: Q4 में **₹5.27 Cr** का मुनाफा, पर साल भर का घाटा **₹699 Cr** पार!

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Spandana Sphoorty: Q4 में **₹5.27 Cr** का मुनाफा, पर साल भर का घाटा **₹699 Cr** पार!
Overview

Spandana Sphoorty Financial Ltd के लिए Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने इस तिमाही में **₹5.27 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, लेकिन पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को **₹699.09 करोड़** का भारी-भरकम घाटा हुआ। यह विशाल सालाना घाटा मुख्य रूप से **₹1,155.27 करोड़** के राइट-ऑफ्स (write-offs) यानी फंसे हुए लोन पर की गई बड़ी कटौती की वजह से हुआ।

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Q4 में ₹5.27 करोड़ का यह मुनाफा भले ही कंपनी के लिए कुछ राहत लेकर आया हो, लेकिन यह पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के ₹699.09 करोड़ के कंसोलिडेटेड नेट लॉस के मुकाबले काफी छोटा है। कंपनी का यह बड़ा वार्षिक घाटा ₹1,155.27 करोड़ की जबरदस्त इंपेयरमेंट कॉस्ट्स (impairment costs) का परिणाम था, जो कि कंपनी के पुराने और फंसे हुए लोन पोर्टफोलियो पर की गई भारी कटौती (write-offs) को दर्शाती है।

खास बात यह है कि Spandana Sphoorty अपने लेंडर्स (lenders) के एक बड़े हिस्से से लोन की शर्तों (financial covenants) के उल्लंघन के बावजूद छूट (waivers) हासिल करने में कामयाब रही, जिसने इस तिमाही मुनाफे को रिपोर्ट करना संभव बनाया।

कंपनी के स्टैंडअलोन (standalone) नतीजों ने भी इसी तस्वीर को पेश किया, जिसमें Q4 FY26 के लिए ₹5.49 करोड़ का प्रॉफिट था, जबकि पूरे साल का घाटा ₹624.05 करोड़ रहा। इन बड़े राइट-ऑफ्स के पीछे इंडस्ट्री की व्यापक चुनौतियां और पुराने लोन डिफॉल्ट्स को जिम्मेदार ठहराया गया है।

इन भारी राइट-ऑफ्स और कोवनेंट ब्रीच (covenant breach) की घटनाओं ने Spandana Sphoorty की फाइनेंशियल पोजीशन को काफी कमजोर कर दिया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेट वर्थ (net worth) घटकर ₹2,193.75 करोड़ रह गई, जबकि एक साल पहले यह ₹2,622.77 करोड़ थी। नेट वर्थ में यह कमी कंपनी के ओवरऑल वैल्यूएशन पर असर डालती है और भविष्य के आर्थिक झटकों को झेलने की इसकी क्षमता पर सवाल खड़े करती है।

कंपनी की रेवेन्यू (revenue) में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। FY26 में स्टैंडअलोन एनुअल रेवेन्यू ₹942.20 करोड़ पर आ गया, जो FY25 के ₹2,245.19 करोड़ से 58.04% कम है। कंसोलिडेटेड आधार पर भी रेवेन्यू 56.00% घटकर ₹1,066.33 करोड़ (FY26) रहा, जो FY25 में ₹2,424.09 करोड़ था।

Spandana Sphoorty का प्रदर्शन इसके कुछ प्रतिस्पर्धियों, जैसे CreditAccess Grameen (जिसने FY24 में ₹1,137 करोड़ का प्रॉफिट कमाया) और Bandhan Bank (जिसने FY24 में ₹2,125 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया), की तुलना में काफी निराशाजनक है। यह माइक्रोफाइनेंस सेक्टर की चुनौतियों के बीच Spandana Sphoorty के अपने खास मुद्दों को उजागर करता है।

भविष्य में, निवेशकों की निगाहें मैनेजमेंट की प्रॉफिट को बनाए रखने की रणनीति, फंसे हुए लोन पोर्टफोलियो को संभालने के उपायों, लेंडर्स के साथ चल रही बातचीत, नए लोन की परफॉरमेंस और एसेट क्वालिटी में सुधार पर टिकी रहेंगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.