FY26 में बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा?
साउथ इंडियन बैंक ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने अस्थायी वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बैंक ने अपने बैलेंस शीट के प्रमुख पैमानों पर जोरदार विस्तार किया है।
बैंक के ग्रॉस एडवांंसेस में पिछले साल की तुलना में 15.66% की वृद्धि हुई, जो ₹1,01,295 करोड़ तक पहुंच गए। यह कर्ज की मजबूत मांग और बैंक की अपनी लोन बुक का विस्तार करने की क्षमता को दर्शाता है।
कुल डिपॉजिट्स में भी 14.71% की अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹1,23,346 करोड़ रही। यह बैंक के लिए फंड का एक स्थिर और मजबूत आधार सुनिश्चित करता है।
CASA रेश्यो में सुधार, फंड की लागत कम
बैंक ने अपने CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट्स में 17.47% की वृद्धि के साथ ₹39,621 करोड़ हासिल किए। इसके चलते बैंक का CASA रेश्यो सालाना 75 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 32.12% पर पहुंच गया। एक मजबूत CASA रेश्यो आमतौर पर फंड की लागत को कम करता है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होता है।
पिछले साल से तुलना और ब्रोकरेज की उम्मीदें
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में साउथ इंडियन बैंक के ग्रॉस एडवांंसेस ₹87,579 करोड़ और टोटल डिपॉजिट्स ₹1,07,526 करोड़ थे। इस बार के प्रोविजनल आंकड़े पिछले साल की तुलना में ग्रोथ में तेजी का संकेत दे रहे हैं।
रेगुलेटरी एक्शन और नेतृत्व परिवर्तन
हाल ही में, बैंक को नवंबर 2024 में आरबीआई (RBI) द्वारा जमा ब्याज दर और ग्राहक सेवा नियमों का पालन न करने पर ₹59.20 लाख का जुर्माना भी झेलना पड़ा था। इसके अलावा, मार्च 2026 के आसपास यह खबर भी आई थी कि बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, पी.आर. सेशाद्री, पुनः नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जो एक संभावित नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा करता है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
- शेयरहोल्डर्स के लिए प्रोविजनल आंकड़े मजबूत बिजनेस ग्रोथ का संकेत दे रहे हैं।
- सुधरा हुआ CASA रेश्यो बैंक के मुख्य डिपॉजिट बेस को मजबूत करता है, जो भविष्य के मार्जिन के लिए फायदेमंद है।
- हालांकि, यह आंकड़े अस्थायी हैं और फाइनल ऑडिट के बाद इनमें थोड़ा बदलाव हो सकता है।
साथियों से तुलना
FY26 में साउथ इंडियन बैंक की ग्रॉस एडवांंस ग्रोथ (15.66%) उसके साथियों जैसे फेडरल बैंक और कर्नाटक बैंक की FY25 की ग्रोथ के मुकाबले मजबूत दिखती है। डिपॉजिट ग्रोथ (14.71%) भी कर्नाटक बैंक जैसे साथियों से बेहतर है।
आगे क्या देखना है?
बाजार अब बैंक के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स का इंतजार करेगा। साथ ही, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) और नेट NPAs के ट्रेंड्स पर भी नजर रखी जाएगी। सीईओ के बदलाव के बीच बैंक की ग्रोथ स्ट्रेटेजी और NIM परफॉरमेंस पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
