रेटिंग एजेंसी Infomerics Valuation and Rating Ltd ने 26 मार्च 2026 को South Indian Bank की इश्युअर रेटिंग को 'IVR AA / Stable' पर बरकरार रखा है। साथ ही, बैंक के ₹25,000 करोड़ के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम को भी यही 'IVR AA / Stable' रेटिंग दी गई है। यह रेटिंग इस बात का संकेत है कि एजेंसी को इस प्रोग्राम से जुड़ी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने में बैंक की मजबूत क्षमता पर भरोसा है।
रेटिंग का क्या मतलब है?
Infomerics जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी से मिली 'AA Stable' रेटिंग बैंक के मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता को दर्शाती है। इस पुष्टि से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है और यह South Indian Bank की उधारी लागत को कम करने में भी मदद कर सकता है। जमाकर्ताओं और फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम के धारकों के लिए, यह 'AA Stable' रेटिंग उनके निवेशों की सुरक्षा और विश्वसनीयता का आश्वासन देती है।
बैंक का हालिया प्रदर्शन
बैंक का हालिया प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, South Indian Bank ने ₹374 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹486 करोड़ का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 19% अधिक है। दिसंबर 2025 तक एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ, जिसमें ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर 2.67% और नेट एनपीए घटकर 0.45% रह गए। इसी अवधि के दौरान कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 17.84% पर मजबूत बना रहा।
रेटिंग में कैसे हुआ सुधार?
South Indian Bank, जिसकी स्थापना 1929 में हुई थी और जो केरल के त्रिशूर में स्थित है, अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। Infomerics ने अक्टूबर 2024 में SIB की इश्युअर रेटिंग को 'IVR AA-/Stable' तक बढ़ाया था, जिसमें कंपनी की कमाई में सुधार, विविध लोन बुक, मजबूत पूंजीकरण और स्थिर संसाधन आधार का उल्लेख किया गया था। अक्टूबर 2025 में इसे और अपग्रेड करके 'IVR AA/Stable' कर दिया गया, जो पिछले पांच वर्षों के लगातार प्रयासों, जैसे पुराने पोर्टफोलियो को साफ करना, टेक्नोलॉजी को बढ़ाना, डिजिटल उत्पाद लॉन्च करना और व्यापार वृद्धि, कमाई और पूंजी अनुपात में सुधार को दर्शाता है।
चुनौतियां और जोखिम
बैंक ने अतीत में कुछ चुनौतियों का भी सामना किया है। COVID-19 महामारी के दौरान एसेट क्वालिटी के मुद्दे सामने आए थे, जिससे एनपीए और प्रोविजनिंग बढ़ गई थी। इसके अलावा, SIB का बिजनेस काफी हद तक दक्षिणी भारत पर केंद्रित है, जहां उसके पोर्टफोलियो का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव भी एक चिंता का विषय रहा है, जो बेंचमार्क दरों में बदलाव और बैंक के कॉर्पोरेट लोन मिक्स से प्रभावित हुआ है। हाल ही में, फरवरी 2025 में RBI ने अनुपालन संबंधी मुद्दों के लिए बैंक पर ₹59.20 लाख का जुर्माना भी लगाया था, जो सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
South Indian Bank की 'IVR AA / Stable' रेटिंग इसे मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल वाले संस्थानों में रखती है। HDFC Bank, State Bank of India और ICICI Bank जैसे प्रमुख बैंक भी अपनी प्रणालीगत महत्ता और मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण आमतौर पर उच्च रेटिंग रखते हैं। जबकि SIB की रेटिंग इसकी क्रेडिट-योग्यता की पुष्टि करती है, दक्षिण भारत में इसका महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एकाग्रता इसे राष्ट्रीय दिग्गजों से अलग करती है।
