बैंक ने 26 मार्च 2026 को एक घोषणा करते हुए बताया कि उसने SIB ESOS Scheme 2008 के तहत 72,488 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कर्मचारियों द्वारा अपने स्टॉक ऑप्शन का इस्तेमाल करने के बाद यह अलॉटमेंट हुआ है।
इस ऑप्शन एक्सरसाइज से बैंक को ₹15,95,819.10 यानी करीब ₹0.16 करोड़ का फंड मिला है। इसके परिणामस्वरूप, बैंक की कुल जारी और सब्सक्राइब की गई पूंजी अब बढ़कर ₹261,75,67,904 या ₹261.76 करोड़ हो गई है।
ESOS (Employee Stock Option Scheme) जैसे प्लान्स को कर्मचारियों को कंपनी के प्रदर्शन से जोड़ने, उन्हें बनाए रखने और प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। यह लिस्टेड कंपनियों के लिए एक आम तरीका है जिससे वे अपने वर्कफोर्स की लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट सुनिश्चित करते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब South Indian Bank ने अपने ESOS स्कीम के तहत शेयर बांटे हैं। इससे पहले भी 2025 के फरवरी, नवंबर और अक्टूबर में ऐसे अलॉटमेंट देखे गए थे। बैंक ने 2024 की शुरुआत में राइट्स इश्यू के जरिए 52.3 करोड़ से ज्यादा शेयर ऑफर करके लगभग ₹1,151 करोड़ जुटाए थे।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में ESOS का इस्तेमाल काफी आम है। Federal Bank, Karur Vysya Bank और DCB Bank जैसे दूसरे बैंक भी टैलेंट को बनाए रखने के लिए ऐसे प्लान्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, ESOS प्रोग्राम आमतौर पर कर्मचारी मनोबल बढ़ाते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा ऑप्शन एक्सरसाइज से मौजूदा शेयरधारकों के मुनाफे पर हल्का असर पड़ सकता है। बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को मैनेज करना जारी रखे हुए है, और हाल ही में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) में गिरावट देखी गई है।
