डूबे हुए पैसे वापस पाने का मौका
यह कैम्पेन शेयरधारकों को एक बड़ा मौका दे रहा है ताकि वे अपना वो पैसा वापस पा सकें जिसके बारे में शायद वे भूल गए हों या उन्हें जानकारी न हो। अपने KYC डिटेल्स को अपडेट रखना शेयरधारकों के लिए बहुत ज़रूरी है ताकि उन्हें उनके हक़ के वित्तीय लाभ और डिविडेंड मिल सकें। इस पहल में भाग लेकर निवेशक अपनी संपत्ति को IEPF में ट्रांसफर होने से बचा सकते हैं।
Unclaimed Assets और IEPF का खेल
'कंपनी अधिनियम, 2013' (Companies Act, 2013) के अनुसार, डिविडेंड (Dividend) और शेयर, जो लगातार सात साल तक क्लेम नहीं किए जाते, उन्हें इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है। Signpost India के लिए रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट (RTA) KFin Technologies Limited है, जो शेयरधारक डेटा मैनेज करने में अहम भूमिका निभाता है। IEPF अथॉरिटी इन Unclaimed Assets को वापस पाने के लिए एक सिस्टम प्रदान करती है, खासकर 'फॉर्म IEPF-5' (Form IEPF-5) के ज़रिए। Signpost India पहले भी ऐसे 'सक्षम निवेशक - 100 डेज़ कैम्पेन' जैसे आउटरीच प्रोग्राम्स से निवेशकों को जोड़ता रहा है।
शेयरधारकों को क्या करना चाहिए
शेयरधारकों से आग्रह है कि वे 9 जुलाई 2026 की डेडलाइन से पहले अपने KYC डिटेल्स अपडेट करा लें और किसी भी बकाया राशि का दावा करें। यह भी ज़रूरी है कि शेयरधारक RTA या अपने Depository Participant के पास अपने बैंक खाते का विवरण सही ढंग से दर्ज कराएं, ताकि डिविडेंड का भुगतान सुचारू रूप से हो सके। अगर डिविडेंड या शेयर सात साल तक क्लेम नहीं किए गए, तो वे IEPF में चले जाएंगे। KFin Technologies और Cameo Corporate Services जैसी कंपनियां, जो कई अन्य लिस्टेड कंपनियों के लिए भी शेयरधारक डेटा और निवेशक सेवाएं संभालती हैं, अक्सर इस तरह की पहलें करती हैं।
आगे क्या देखना होगा?
'सक्षम निवेशक' कैम्पेन में शेयरधारकों की भागीदारी कितनी रहती है, इस पर नज़र रखनी होगी। कैम्पेन के दौरान सफलतापूर्वक क्लेम किए गए डिविडेंड और शेयरों का कुल मूल्य और मात्रा भी महत्वपूर्ण मेट्रिक्स होंगे। Signpost India की ओर से भविष्य में कोई और कम्युनिकेशन या फॉलो-अप पहल, साथ ही RTAs और अन्य लिस्टेड कंपनियों द्वारा इसी तरह के निवेशक आउटरीच प्रोग्राम्स भी बाज़ार के लिए रुचिकर रहेंगे।
