Shriram Finance और MUFG Bank के बीच ₹3,961 करोड़ की बड़ी डील
Shriram Finance के बोर्ड ने MUFG Bank को ₹3,961.80 करोड़ के बदले 47.11 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए, जापानी बैंक को Shriram Finance में 20% की इक्विटी हिस्सेदारी मिल जाएगी। यह सौदा भारतीय फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े FDI में से एक है।
डील की खास बातें
इस डील के तहत, MUFG Bank को ₹840.93 प्रति शेयर के भाव पर नए शेयर दिए जाएंगे। यह अलॉटमेंट पूरा होने के बाद, MUFG Bank के पास Shriram Finance की 20% हिस्सेदारी होगी, जो मौजूदा शेयरों के pari-passu रैंक करेंगे। इस इश्यू के लिए NSE और BSE से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल भी मिल चुका है।
इस इन्वेस्टमेंट का महत्व
यह ट्रांजेक्शन भारत के फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा FDI है। इससे Shriram Finance की कैपिटल पोजीशन और बैलेंस शीट मजबूत होगी। यह भारत के नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मार्केट में अंतरराष्ट्रीय विश्वास को भी दर्शाता है। इस कैपिटल इनफ्यूजन से कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को फंड मिलेगा और यह अपनी पहुंच और कस्टमर सर्विस कैपेबिलिटीज को बढ़ा सकेगी।
MUFG का भारत पर फोकस
जापान के सबसे बड़े फाइनेंशियल ग्रुप का हिस्सा MUFG Bank, भारत में अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है और देश को एक महत्वपूर्ण ग्रोथ मार्केट के तौर पर देख रहा है। इस स्ट्रेटेजिक डील के लिए इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट 19 दिसंबर 2025 को साइन किया गया था। यह कदम जापानी बैंकों द्वारा भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में अवसरों की तलाश के बड़े ट्रेंड के अनुरूप है, जिसे देश की मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स से बढ़ावा मिल रहा है।
खास आंकड़े
सितंबर 2025 तक, Shriram Finance के पास ₹2.8 ट्रिलियन से अधिक का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) था।
शेयर कैपिटल पर असर
शेयरों के अलॉटमेंट के बाद, Shriram Finance का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹376.31 करोड़ से बढ़कर ₹470.54 करोड़ हो जाएगा। वहीं, कुल आउटस्टैंडिंग इक्विटी शेयरों की संख्या 188.16 करोड़ से बढ़कर 235.27 करोड़ हो जाएगी। MUFG Bank 20% इक्विटी इंटरेस्ट के साथ एक मेजर स्ट्रेटेजिक शेयरहोल्डर बन जाएगा।
आगे क्या देखना होगा
निवेशक BSE और NSE से 47.11 करोड़ नए शेयरों के लिए फाइनल लिस्टिंग और ट्रेडिंग अप्रूवल का इंतजार करेंगे। अन्य की डेवलपमेंट में MUFG Bank का पोटेंशियल बोर्ड रिप्रेजेंटेशन और Shriram Finance की स्ट्रेटेजी पर उसका असर, कंपनी की नए कैपिटल का इस्तेमाल करने की योजनाएं और MUFG Bank की लॉन्ग-टर्म स्टेक पर कोई भी भविष्य के अपडेट शामिल हैं।
