फंड का इस्तेमाल, बिल्कुल योजना के मुताबिक!
Shriram AMC ने BSE को भेजे अपने कंप्लायंस स्टेटमेंट में यह साफ कर दिया है कि ₹105 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए पैसे का उपयोग बिल्कुल उसी तरह हुआ है जैसा कंपनी ने पहले बताया था। अप्रैल 2025 में जुटाए गए फंड में से ₹29.22 करोड़ का इस्तेमाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में किया गया है।
कहां-कहां हुआ खर्च?
- वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए: ₹23.42 करोड़
- बिजनेस विस्तार (Business Expansion) के लिए: ₹0.27 करोड़
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए: ₹5.54 करोड़
कंपनी की ऑडिट कमेटी ने 15 मई 2026 को इस खर्च की समीक्षा की और इसे योजना के अनुरूप पाया।
निवेशकों का भरोसा और आगे की रणनीति
यह जानकारी निवेशकों के लिए काफी अहम है। इससे पता चलता है कि कंपनी जुटाई गई पूंजी का प्रबंधन पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कर रही है। यह वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) को भी दर्शाता है और Shriram AMC के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करता है।
₹105 करोड़ फंड जुटाने की पृष्ठभूमि
Shriram AMC ने 23 अप्रैल 2025 को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ₹105 करोड़ जुटाए थे। उस समय, फंड के इस्तेमाल की मूल योजना इस प्रकार थी:
- वर्किंग कैपिटल: ₹60 करोड़
- बिजनेस विस्तार: ₹25 करोड़
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य: ₹20 करोड़
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें कंपनी द्वारा बचे हुए फंड के प्रभावी उपयोग पर होंगी। निवेशक भविष्य के कंप्लायंस फाइलिंग्स पर भी नजर रखेंगे कि बिजनेस विस्तार की पहल और अन्य रणनीतिक योजनाएं कैसे आगे बढ़ रही हैं।