Shree Securities का बड़ा उलटफेर: ₹65 लाख से ज़्यादा का Profit!
31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) के लिए Shree Securities Ltd ने ₹65.72 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24) में कंपनी को हुए ₹5936.64 लाख के भारी-भरकम घाटे की तुलना में एक जबरदस्त वापसी है। इस दौरान, कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू थोड़ा कम होकर ₹68.08 लाख रहा, जबकि FY24 में यह ₹70.51 लाख था। FY25 के लिए बेसिक EPS ₹0.008 रहा, जबकि FY24 में यह ₹(0.744) दर्ज किया गया था।
32वीं एजीएम (AGM) की तैयारियां: 2 जून 2026 को बैठक
कंपनी ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 2 जून 2026 को ऑनलाइन आयोजित करने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में शेयरहोल्डर्स फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी देने, नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर मुहर लगाने और कंपनी की भविष्य की दिशा तय करने वाले कई अहम प्रस्तावों पर वोट करेंगे।
शेयरहोल्डर्स के फैसलों पर टिकी नज़र
एजीएम में शेयरहोल्डर्स फॉरेन इन्वेस्टमेंट लिमिट (FPI/FII) को 49% तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार करेंगे। इसके अलावा, कंपनी की ₹100 करोड़ तक के लोन, गारंटी और सिक्योरिटीज एडवांस करने की क्षमता का विस्तार करने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है।
कंपनी का बैकग्राउंड और पुरानी कंप्लायंस की मुश्किलें
Shree Securities एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर निवेश और शेयर ट्रेडिंग के कारोबार में सक्रिय है। ऐतिहासिक रूप से, कंपनी को रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी और बीएसई (BSE) से जुर्माने जैसी कंप्लायंस (Compliance) संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में भी डायरेक्टर्स की नियुक्तियों के लिए समय पर शेयरहोल्डर अप्रूवल न मिलने और स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देने में देरी जैसे मुद्दों को उठाया गया था।
आगे क्या उम्मीदें?
FY25 में मुनाफे में वापसी कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो भविष्य में स्थिरीकरण (stabilization) की ओर इशारा करता है। एजीएम में पास होने वाले प्रस्ताव, डायरेक्टर्स की नियुक्तियों की रेगुलराइजेशन प्रक्रिया और कंप्लायंस के मोर्चे पर कंपनी के प्रदर्शन पर बाजार की नज़र बनी रहेगी।
