Shikhar Consultants Ltd: कंपनी ने बंद की ट्रेडिंग विंडो, FY26 नतीजों से पहले इनसाइडर्स पर लगी रोक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shikhar Consultants Ltd: कंपनी ने बंद की ट्रेडिंग विंडो, FY26 नतीजों से पहले इनसाइडर्स पर लगी रोक
Overview

SEBI के नियमों का पालन करते हुए, Shikhar Consultants Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के अपने ऑडिटेड नतीजों की घोषणा से पहले इनसाइडर्स (कंपनी के अंदरूनी लोग) के लिए ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से बंद कर दिया है। यह अस्थायी रोक कंपनी के अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों को शेयर खरीदने या बेचने से रोकेगी, ताकि निष्पक्ष जानकारी का प्रसार हो सके।

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क्यों बंद की गई ट्रेडिंग विंडो?

Shikhar Consultants Ltd ने यह कदम 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करने से पहले उठाया है। कंपनी की यह कार्रवाई SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध नियमों और कंपनी के अपने इंटरनल कोड ऑफ कंडक्ट के तहत अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अप्रकाशित, मूल्य-संवेदनशील जानकारी का किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो, और सभी निवेशकों को नतीजे एक साथ मिलें।

क्या हैं पाबंदियां और कब होगी विंडो री-ओपन?

1 अप्रैल, 2026 से, कंपनी के डेजिग्नेटेड पर्सन्स, कनेक्टेड व्यक्तियों और उनके तत्काल रिश्तेदारों को Shikhar Consultants Ltd के शेयरों का कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को स्टॉक एक्सचेंज पर औपचारिक रूप से घोषित नहीं कर देती। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।

कंपनी का बैकग्राउंड और पिछला रिकॉर्ड

Shikhar Consultants Ltd भारत में एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है। वर्ष 1993 में स्थापित और मुंबई स्थित इस कंपनी का कारोबार लोन और एडवांसेस देना, शेयर और सिक्योरिटीज में डीलिंग करना, और बिजनेस व मैनेजमेंट कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करना है। बता दें कि यह कंपनी पहले भी नियामक कार्रवाई का सामना कर चुकी है। वर्ष 2018 में, SEBI ने Shikhar Consultants पर ₹8 लाख का जुर्माना लगाया था क्योंकि कंपनी तय समय सीमा तक SCORES ऑथेंटिकेशन प्राप्त करने में विफल रही थी।

इंडस्ट्री में यह आम बात

यह ध्यान देने योग्य है कि इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रैक्टिस फाइनेंशियल सर्विसेज और NBFC सेक्टर में काफी आम है। Aditya Birla Capital Ltd, Motilal Oswal Financial Services Ltd, और Cholamandalam Financial Holdings Ltd जैसी कई कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स की घोषणा के आसपास ऐसी ही रोक लगाती हैं। यह इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन करने और बाजार में निष्पक्षता बनाए रखने का एक स्वीकृत तरीका है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को अब Shikhar Consultants Ltd द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए घोषित किए जाने वाले ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का इंतजार करना चाहिए। नतीजों के बाद कंपनी की ओर से शेयर बाजार में की जाने वाली आधिकारिक घोषणा पर पैनी नजर रखें।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.