NSE ने 15 मई 2026 को इस पेनल्टी को रिवर्स करने की पुष्टि की, और Share India Securities ने 16 मई 2026 को यह जानकारी बाजार को दी। इस फैसले के बाद कंपनी के अकाउंट्स से ₹1.50 लाख का यह वित्तीय चार्ज (Financial Charge) हट गया है, जिसे पहले एक अहम कंप्लायंस इशू (Compliance Issue) माना जा रहा था।
यह जुर्माना एल्गॉरिथम ट्रेडिंग (Algorithmic Trading) से जुड़ी एक समस्या के कारण लगाया गया था, जिसमें एल्गॉरिथम ऑर्डर्स के लिए यूनिट आइडेंटिफायर्स को सही तरीके से टैग नहीं किया गया था। बाजार की निगरानी (Market Surveillance) और ट्रेसिबिलिटी (Traceability) को बेहतर बनाने के लिए ये आइडेंटिफायर्स बहुत जरूरी होते हैं, और इनमें कोताही पर एक्सचेंज पेनल्टी लगा सकते हैं।
NSE का यह फैसला बताता है कि या तो कंपनी ने पेनल्टी के मूल कारणों को दूर कर लिया है, या एक्सचेंज को वे कारण पर्याप्त नहीं लगे। यह डेवलपमेंट न सिर्फ एक वित्तीय देनदारी को खत्म करता है, बल्कि कंपनी के कंप्लायंस रिकॉर्ड (Compliance Record) को भी मजबूत करता है। Share India Securities इंडियन स्टॉक ब्रोकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में काम करती है, जहां एल्गॉरिथम ट्रेडिंग नियमों का पालन करना ऑपरेशनल इंटीग्रिटी के लिए बेहद अहम है।