बोर्ड ने दी कर्ज को मंजूरी
Satin Creditcare Network Ltd. के बोर्ड ने ₹84.46 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने को हरी झंडी दे दी है। इन NCDs पर 12.80% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान छमाही आधार पर किया जाएगा। इन डिबेंचर्स की कुल अवधि 84 महीने (7 साल) है, जिनकी अंतिम मैच्योरिटी (Redemption) 26 मई 2033 को होगी। वहीं, 26 मई 2031 को आंशिक प्रिंसिपल रिडेम्पशन (Principal Redemption) भी किया जाएगा। यह इश्यू प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के जरिए होगा और BSE लिमिटेड पर लिस्ट किया जाएगा ताकि निवेशकों को लिक्विडिटी (Liquidity) मिल सके।
विस्तार और वर्किंग कैपिटल के लिए फंडिंग
इस फंड का मुख्य मकसद कंपनी के विस्तार (Expansion) और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करना है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, Satin Creditcare जैसी कंपनियों के लिए लोन पोर्टफोलियो बढ़ाने और रेगुलेटरी कैपिटल स्टैंडर्ड्स (Regulatory Capital Standards) को पूरा करने के लिए फंड की लगातार उपलब्धता बहुत ज़रूरी है। NCDs के जरिए फंड जुटाना, बैंक लोन के अलावा फाइनेंसिंग के कई स्रोत बनाने का एक तरीका है। यह रणनीति Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd. और Ujjivan Small Finance Bank Ltd. जैसे अन्य बड़े NBFCs भी अपनाती हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
इन NCDs में निवेश करने वाले निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये सबऑर्डिनेटेड (Subordinated) और अनसिक्योर्ड (Unsecured) माने जाएंगे। इसका मतलब है कि कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति में, इन NCDs के होल्डर्स का भुगतान सिक्योर्ड क्रेडिटर्स (Secured Creditors) और सीनियर डेट होल्डर्स (Senior Debt Holders) के बाद किया जाएगा। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेसमेंट और लिस्टिंग की प्रक्रिया तय समय में पूरी होने का एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी है।