Saraswati Commercial (India) Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना वार्षिक सेक्रेटरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (Annual Secretarial Compliance Report) पेश कर दिया है। यह रिपोर्ट कंपनी सेक्रेटरी M/s. Avani Gandhi & Associates द्वारा तैयार की गई है, और इससे यह पुष्ट होता है कि कंपनी ने पूरे साल SEBI के लिस्टिंग नियमों और अन्य सभी लागू कायदों का पालन किया है।
इस समीक्षा में कोई भी नॉन-कम्प्लायंस (non-compliance) का मामला सामने नहीं आया, और न ही इस दौरान SEBI या स्टॉक एक्सचेंजों की ओर से कोई एक्शन दर्ज किया गया। यह क्लीन रिपोर्ट निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) के मजबूत होने का एक अहम संकेत है। यह दर्शाता है कि Saraswati Commercial (India) Ltd. कानूनी और रेगुलेटरी सीमाओं के दायरे में रहकर काम कर रही है, जिससे जोखिम कम होता है और पारदर्शिता बढ़ती है।
1983 से एक NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के तौर पर काम कर रही Saraswati Commercial, निवेश, सिक्योरिटीज और लेंडिंग (lending) के कारोबार में सक्रिय है। हाल ही में, कंपनी ने SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट (LC)' नियमों के तहत अपनी स्थिति को भी स्पष्ट किया था। 31 मार्च, 2026 तक, कंपनी की शून्य (zero) बकाया उधारी (outstanding borrowing) थी, जिससे यह पुष्टि होती है कि यह LC थ्रेशोल्ड (threshold) को पूरा नहीं करती और इसलिए कुछ डेट इश्यूएंस (debt issuance) की ज़रूरतों से बच जाती है। यह कंपनी के सतर्क वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
यह फाइलिंग निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करती है, क्योंकि यह कंपनी की ऑपरेशनल इंटीग्रिटी (operational integrity) और नियामक अनुपालन (regulatory adherence) की पुष्टि करती है। यह भविष्य में कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों और संभावित फंड जुटाने के प्रयासों के लिए भी एक सकारात्मक आधार तैयार करती है।
