क्यों लगाई गई ट्रेडिंग पर रोक?
यह फैसला SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (unpublished price-sensitive information) के दुरुपयोग को रोकना है। कंपनी ने साफ किया है कि इस दौरान कोई भी डेजिग्नेटेड इम्प्लॉई (designated employee) और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयर्स का ट्रेड नहीं कर पाएंगे।
कब खुलेगी ट्रेडिंग विंडो?
कंपनी इस तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजों को मंजूरी देने के लिए बोर्ड मीटिंग की तारीख जल्द ही अलग से बताएगी। नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी, जिससे सभी इन्वेस्टर्स के लिए एक लेवल प्लेइंग फील्ड बना रहे।
Sangam Finserv एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो लेंडिंग और इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज में शामिल है। शेयर बाजार में इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रैक्टिस आम है। MAS Financial Services और BF Investment जैसी अन्य लिस्टेड NBFCs भी अर्निंग्स अनाउंसमेंट के आसपास ऐसे ही प्रोटोकॉल का पालन करती हैं।
