रेगुलेटरी मंजूरी के साथ डीमर्जर की बढ़ी रफ्तार
Sammaan Capital Ltd को उसकी सहयोगी Sammaan Finserve Limited के NBFC बिज़नेस को डीमर्ज करने की योजना के लिए स्टॉक एक्सचेंजों, BSE और NSE से महत्वपूर्ण नियामक मंजूरी मिल गई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 21 अप्रैल 2026 को 'नो एडवर्स ऑब्जरवेशन' (No Adverse Observation) लेटर जारी किया, जिसके ठीक एक दिन बाद, 22 अप्रैल 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भी 'नो ऑब्जेक्शन' (No Objection) दे दिया।
ये मंजूरी कंपनी की कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि अब Sammaan Capital इस स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में फाइल करने के लिए आगे बढ़ सकती है। एक्सचेंज से मिली ये अप्रूवल छह महीने की अवधि के लिए वैध रहेंगी।
इस डीमर्जर का मुख्य उद्देश्य Sammaan Finserve के NBFC बिज़नेस को Sammaan Capital के तहत लाकर ऑपरेशन्स को कंसॉलिडेट (Consolidate) करना और कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। यह कदम कंपनी की बदलती रेगुलेटरी नॉर्म्स (Regulatory Norms) का पालन करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बढ़ाने की बड़ी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। माना जा रहा है कि डीमर्जर पूरा होने के बाद Sammaan Finserve अपना NBFC लाइसेंस सरेंडर कर देगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि Sammaan Capital, जिसे पहले Indiabulls Housing Finance Limited (IBHFL) के नाम से जाना जाता था, ने जून 2024 में अपना नाम बदला और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से NBFC- इन्वेस्टमेंट एंड क्रेडिट कंपनी में ट्रांजीशन किया। कंपनी को अब UAE-बेस्ड इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) का सपोर्ट प्राप्त है, जिसने इसे प्रमोट किया है। इससे पहले, Sammaan Finserve ने अपने पुराने लोन पोर्टफोलियो को रीस्ट्रक्चरिंग के तहत Sammaan Capital को बेच दिया था। बोर्ड ने 31 दिसंबर 2025 को ही इस डीमर्जर स्कीम को मंजूरी दे दी थी।
अब एक्सचेंजों से हरी झंडी मिलने के बाद, Sammaan Capital NCLT में अपनी अर्जी दाखिल करेगी। NCLT की मंजूरी मिलने पर, Sammaan Finserve अपना NBFC लाइसेंस वापस कर देगी और इसका डीमर्ज्ड NBFC बिज़नेस Sammaan Capital में पूरी तरह से इंटीग्रेट हो जाएगा।
कंपनी को यह पूरी प्रक्रिया एक्सचेंज अप्रूवल की छह महीने की वैलिडिटी अवधि के भीतर NCLT में फाइल करनी होगी। एक्सचेंजों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर प्रक्रिया के दौरान कोई भी जानकारी अधूरी, गलत या भ्रामक पाई जाती है, तो वे अपनी दी गई मंजूरी को वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।
Sammaan Capital भारत के NBFC सेक्टर में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। 2026 तक, AUM (Assets Under Management) के हिसाब से यह 21वें स्थान पर थी, जिसका AUM ₹62,346 करोड़ दर्ज किया गया था। वहीं, 31 मार्च 2025 तक कंपनी का बैलेंस शीट साइज ₹0.70 ट्रिलियन था। यह Bajaj Finance Ltd. और Shriram Finance Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशकों की नज़र अब NCLT अप्रूवल प्रोसेस, इसके साथ आने वाली किसी भी शर्त और कंसॉलिडेटेड NBFC ऑपरेशन्स के सफल इंटीग्रेशन पर बनी रहेगी।
