Sammaan Capital Limited ने ऐलान किया है कि उन्होंने सिक्योर्ड, रेटेड और लिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹750 करोड़ की रकम सफलतापूर्वक जुटाई है। ये NCDs 30 मार्च 2026 को इश्यू किए गए थे और इनकी सालाना ब्याज दर 9.75% है। ये 3 अप्रैल 2027 को मैच्योर होंगे, यानी इनका टेनर (tenor) लगभग 1.01 साल का है। इन NCDs को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट किया जाएगा।
यह कदम डेट फाइनेंसिंग के जरिए कंपनी के कैपिटल बेस को बढ़ाने वाला है। इन NCDs को कंपनी की फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल एसेट्स, जिसमें लोन एसेट्स भी शामिल हैं, पर चार्ज के जरिए सुरक्षित किया गया है। मिनिमम एसेट कवर (asset cover) प्रिंसिपल और इंटरेस्ट अमाउंट का 1.0 गुना होना अनिवार्य है।
यह क्यों मायने रखता है?
इस डेट इश्यूअंस से Sammaan Capital की फंडिंग स्ट्रक्चर मजबूत हुई है। कंपनी ने अपनी इक्विटी को डाइल्यूट (dilute) किए बिना एडिशनल कैपिटल जुटाई है। यह 9.75% जैसी कम्पेटिटिव रेट पर डेट मार्केट्स से फंड जुटाने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Sammaan Capital Limited, जिसे पहले Indiabulls Housing Finance Ltd के नाम से जाना जाता था, एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। यह पूरे भारत में होम लोंस और मॉर्टगेज-संबंधित फाइनेंशियल सर्विसेज़ प्रदान करती है। कंपनी कैपिटल जुटाने के लिए NCDs जारी करती रही है, जिसमें दिसंबर 2025 में ₹300 करोड़ और जुलाई 2025 में ₹200 करोड़ के पिछले इश्यूअंस शामिल हैं।
क्रेडिट रेटिंग और पिछला विवाद
मार्च 2026 में, मूडीज (Moody's) ने कंपनी की रेटिंग को 'B1' (पॉजिटिव आउटलुक के साथ) अपग्रेड किया था। हालांकि, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच एजेंसियों के पिछले आरोपों को संभालने के तरीके की आलोचना के बाद कंपनी के शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था। उस समय Sammaan Capital ने कहा था कि उसके ऊपर कोई डिफॉल्ट या जांच लंबित नहीं है।
आगे क्या?
इस इश्यूअंस से Sammaan Capital का कैपिटल बेस ₹750 करोड़ बढ़ गया है। साथ ही, अप्रैल 2027 में ड्यू NCDs के लिए एक स्ट्रक्चर्ड डेट रीपेमेंट ऑब्लिगेशन (debt repayment obligation) जुड़ गया है। ये NCDs कंपनी की एसेट्स द्वारा सिक्योर हैं।
जोखिम (Risks) पर नजर रखें
अगर इंटरेस्ट या प्रिंसिपल पेमेंट में डिफॉल्ट होता है, तो कंपनी पर डिफॉल्ट की अवधि के लिए कम से कम 2% सालाना की एडिशनल पेनाल्टी इंटरेस्ट (penalty interest) लग सकती है।
पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
Sammaan Capital हाउसिंग फाइनेंस और NBFC सेक्टर में ऑपरेट करती है। Bajaj Finance, HDFC Ltd, Muthoot Finance, और LIC Housing Finance जैसी कंपनियां भी अपने ऑपरेशन्स को फंड करने के लिए अक्सर NCD इश्यूअंस के जरिए डेट मार्केट्स का इस्तेमाल करती हैं।
अगली रणनीति (What to Track Next)
- डेट सर्विसिंग (Debt Servicing): कंपनी की इन NCDs के लिए फिक्स्ड इंटरेस्ट पेमेंट और प्रिंसिपल रीपेमेंट ऑब्लिगेशन्स को पूरा करने की क्षमता पर नजर रखें।
- NCD लिस्टिंग परफॉरमेंस (NCD Listing Performance): NSE और BSE पर लिस्ट होने के बाद नए अलॉट किए गए NCDs के प्रदर्शन को देखें।
- कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure): भविष्य की कैपिटल रेजिंग एक्टिविटीज और उनके कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (debt-to-equity ratio) पर प्रभाव को ट्रैक करें।
- रेगुलेटरी डेवलपमेंट्स (Regulatory Developments): कंपनी के इतिहास को देखते हुए, किसी भी मौजूदा या पिछले जांच से संबंधित खबरों पर नजर रखें।
