ओपन ऑफर में क्यों नहीं आई कोई दिलचस्पी?
Sammaan Capital Ltd के शेयरधारकों ने कंपनी के अधिग्रहण (Acquisition) से जुड़े ओपन ऑफर (Open Offer) में बिलकुल भी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। 20 अप्रैल 2026 तक, यानी ऑफर शुरू होने के कुछ दिनों के भीतर, 0% शेयर खरीदे गए हैं। यह 0 इक्विटी शेयर की बात है, जो कि ऑफर में रखे गए 34.17 करोड़ शेयरों का 0% है। यह प्लान की जा रही डील के लिए एक बड़ा हर्डल (Hurdle) साबित हो रहा है।
अधिग्रहण डील पर क्यों है खतरा?
यह स्थिति अधिग्रहणकर्ताओं (Acquirers) के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ओपन ऑफर उनके लिए कंपनी पर पूरा कंट्रोल पाने का एक अहम कदम है। इस ऑफर में सार्वजनिक शेयरधारकों (Public Shareholders) की भागीदारी न दिखना यह संकेत दे रहा है कि उन्हें ₹139 प्रति शेयर का ऑफर प्राइस आकर्षक नहीं लग रहा या वे मौजूदा शेयर होल्डिंग बनाए रखना चाहते हैं।
IHC का बड़ा प्लान और रेगुलेटरी मंजूरी
दरअसल, Sammaan Capital, जिसे पहले Indiabulls Housing Finance के नाम से जाना जाता था, एक बड़े मालिकाना हक बदलाव (Ownership Change) से गुजर रही है। अबु धाबी की International Holding Company (IHC) अपनी सहयोगी Avenir Investment RSC Ltd के जरिए इसमें कंट्रोलिंग स्टेक (Controlling Stake) खरीद रही है। इस डील में करीब ₹8,850 करोड़ की प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) भी शामिल है, जिसके लिए Reserve Bank of India (RBI) से मंजूरी मिल चुकी है। इस अलॉटमेंट से Avenir को शुरुआती 41.5% हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद थी, जो ओपन ऑफर के सफल होने पर 63.3% तक बढ़ सकती थी।
अधिग्रहणकर्ता की हिस्सेदारी पर असर
फिलहाल, ओपन ऑफर में शेयरों का न बिकना अधिग्रहणकर्ता की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना को रोक रहा है। Securities and Exchange Board of India (SEBI) के नियमों के तहत, अगर ओपन ऑफर सफल नहीं होता है, तो अधिग्रहणकर्ता की प्लान की हुई कंट्रोलिंग परसेंटेज पर असर पड़ सकता है। यह उन्हें अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने या शर्तों पर दोबारा बातचीत करने के लिए मजबूर कर सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
आगे क्या होगा, इस पर नजर रहेगी। क्या अधिग्रहणकर्ता ऑफर पीरियड (Offer Period) बढ़ाने का ऐलान करेंगे? या SEBI इसमें कोई दखल देगा? यह देखना भी अहम होगा कि क्या कोई सार्वजनिक शेयरधारक आखिरकार अपने शेयर बेचने का फैसला करते हैं।
