Sakthi Finance Limited ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी। यह क्लोजर 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले उठाया गया है।
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations 2015 और कंपनी के आंतरिक कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करते हुए उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (UPSI) के गलत इस्तेमाल और इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है।
ट्रेडिंग विंडो का बंद होना स्टॉक मार्केट में निष्पक्षता (fair play) बनाए रखने के लिए एक स्टैंडर्ड रेगुलेटरी तरीका है। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी के अंदरूनी लोग या उनसे जुड़े लोग, जब तक कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की गैर-सार्वजनिक जानकारी उनके पास है, तब तक शेयरों का लेन-देन न कर सकें। इससे मार्केट में पारदर्शिता और इंटीग्रिटी बनी रहती है। 1955 में स्थापित Sakthi Finance का इस तरह के नियमों का पालन करने का एक लंबा इतिहास रहा है।
इस अवधि के दौरान, Sakthi Finance से जुड़े सभी डेजिग्नेटेड पर्सन्स (designated persons) और संबंधित व्यक्ति कंपनी के शेयरों में कोई भी लेन-देन करने के लिए प्रतिबंधित रहेंगे। यह रोक डिपॉजिटरी सिस्टम के माध्यम से लागू की जाती है।
मार्केट और निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही अंदरूनी लोगों द्वारा ट्रेडिंग फिर से शुरू हो सकेगी। Sakthi Finance जल्द ही अपनी बोर्ड मीटिंग की तारीख बताएगी, जहां Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजे पास किए जाएंगे। यह ट्रेडिंग विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद फिर से खोली जाएगी।