कंपनी के बोर्ड का अहम फैसला!
SRG Housing Finance लिमिटेड के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 23 अप्रैल 2026 को हुई एक अहम बैठक में कई बड़े फाइनेंशियल फैसलों पर मुहर लगाई है। बोर्ड ने कंपनी की कुल उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹2,500 करोड़ करने का प्रस्ताव पास किया है। साथ ही, इन बढ़े हुए उधारों को सुरक्षित करने के लिए कंपनी की संपत्तियों पर चार्ज बनाने की भी मंजूरी दे दी गई है, जिसकी अधिकतम सीमा भी ₹2,500 करोड़ ही रहेगी।
क्यों है यह कदम अहम?
यह फैसला SRG Housing Finance को भविष्य में ग्रोथ के लिए फंड जुटाने में काफी मदद करेगा। एक बड़ी उधार सीमा होने से कंपनी को बड़े लोन देने और स्ट्रैटेजिक इंवेस्टमेंट करने के नए मौके मिलेंगे। संपत्तियों पर चार्ज बनाने से लेंडर्स को सिक्योरिटी मिलती है, जिससे कंपनी को बेहतर दरों पर ज़्यादा कैपिटल मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
SRG Housing Finance, जो 1999 में स्थापित हुई थी, अपने लोन बुक को लगातार बढ़ा रही है। 31 मार्च 2025 तक, कंपनी की लोन बुक ₹759.36 करोड़ थी। कंपनी ने पहले भी रेगुलेटरी नॉर्म्स को पूरा करने के लिए पेड-अप कैपिटल बढ़ाई है और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जैसे अलग-अलग फंडिंग विकल्पों का इस्तेमाल किया है। 2023 के अंत में, कंपनी ने फाइनेंशियल संस्थानों से ₹228 करोड़ से ज़्यादा के लोन भी लिए थे।
आगे क्या होगा?
अब इन प्रस्तावों को शेयरधारकों के पास भेजा जाएगा। जल्द ही एक पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया जाएगा, जिसमें शेयरधारकों से इन फैसलों पर वोट करने का आग्रह किया जाएगा। अगर शेयरधारकों की मंजूरी मिलती है, तो SRG Housing Finance अपनी विस्तार योजनाओं को फंड करने और हाउसिंग लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज़्यादा सक्षम हो जाएगी।
क्या हैं जोखिम?
सबसे बड़ा तत्काल जोखिम शेयरधारकों से इन प्रस्तावों के लिए मंजूरी हासिल करना है। अगर शेयरधारक इन्हें पास नहीं करते, तो ये फैसले लागू नहीं होंगे। इसके अलावा, राजस्थान में कंपनी का ज्योग्राफिकल कंसंट्रेशन (भौगोलिक संकेंद्रण) और बड़े खिलाड़ियों की तुलना में इसका छोटा ऑपरेशनल स्केल भी ध्यान देने योग्य बातें हैं। साथ ही, लगातार प्रतिस्पर्धी दरों पर फंड जुटाने की कंपनी की क्षमता एक अहम फैक्टर रहेगी।
