रोHIT Nayyar लाएंगे वैश्विक अनुभव
SMC Global Securities, जो एक जानी-मानी डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म है, में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है। कंपनी ने आज घोषणा की है कि रोHIT Nayyar को 1 जुलाई, 2026 से नया CFO बनाया गया है। वे विनोद कुमार जमर की जगह लेंगे, जिन्होंने कंपनी की वित्तीय रणनीति और गवर्नेंस में लंबे समय तक योगदान दिया है।
जानिए नए CFO के बारे में
रोHIT Nayyar को फाइनेंस इंडस्ट्री में लगभग तीन दशकों का वैश्विक अनुभव है। वे एक क्वालिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS) और सर्टिफाइड इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स ऑडिटर (CISA) हैं। इससे पहले, उन्होंने CARE India और Wadhwani Foundation जैसी संस्थाओं में CFO की भूमिका निभाई है। इसके अलावा, HSBC और Dell जैसी बड़ी कंपनियों में भी उनका महत्वपूर्ण कार्यकाल रहा है, जहाँ उन्होंने फाइनेंशियल गवर्नेंस, ट्रांसफॉर्मेशन और स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स पर काम किया है।
क्यों यह नियुक्ति अहम है?
फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में CFO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे कंपनी की वित्तीय सेहत, प्लानिंग और मजबूत गवर्नेंस सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। रोHIT Nayyar के व्यापक वैश्विक अनुभव से SMC Global Securities को अपनी फाइनेंसियल स्ट्रेटेजी, रिस्क मैनेजमेंट और ग्रोथ की योजनाओं को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब फाइनेंशियल सेक्टर लगातार बदल रहा है और इसके लिए एक मजबूत वित्तीय नेतृत्व की ज़रूरत है।
कंपनी के हालिया नतीजे
रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 अप्रैल, 2026 तक SMC Global Securities का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,416.59 करोड़ था। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY2025-26) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹494.78 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 12.38% ज़्यादा है। हालांकि, इसी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹30.84 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 29.69% कम था।
भविष्य की राह
निवेशक अब रोHIT Nayyar द्वारा 1 जुलाई, 2026 से संभाले जाने वाले पदभार के बाद कंपनी की नई रणनीतियों पर नज़र रखेंगे। कंपनी का लक्ष्य रोHIT Nayyar की विशेषज्ञता का उपयोग करके अपने वित्तीय ऑपरेशन्स और मार्केट पोजिशन को और बेहतर बनाना है। हालांकि, कंपनी को अतीत में कुछ रेगुलेटरी चिंताओं का सामना भी करना पड़ा था, जिस पर नए नेतृत्व में निरंतरता और अनुपालन बनाए रखने की उम्मीद होगी।
