इनसाइडर ट्रेडिंग से बचाव: ट्रेडिंग विंडो बंद
यह कदम SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के नतीजों या किसी अन्य महत्वपूर्ण खबर के सार्वजनिक होने से पहले कोई भी व्यक्ति अंदरूनी जानकारी का फायदा न उठा सके, जिससे मार्केट में निष्पक्षता बनी रहे।
इस दौरान, कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और की मैनेजरियल पर्सोनल (Key Managerial Personnel) जैसे 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) और उनसे जुड़े लोग कंपनी के शेयर्स या सिक्योरिटीज में कोई भी ट्रेड नहीं कर पाएंगे।
SEBI के कड़े नियम
SEBI की Prohibition of Insider Trading (PIT) Regulations के तहत, लिस्टेड कंपनियों को यह ट्रेडिंग विंडो बंद करनी पड़ती है। SEBI ने हाल ही में इन नियमों को और कड़ा किया है, ताकि अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इनफॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) के आधार पर होने वाले ट्रेड को रोका जा सके।
कब खुलेगी विंडो?
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी चौथे क्वार्टर और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा नहीं कर देती, और फिर घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह दोबारा खुलेगी। कंपनी बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा अलग से करेगी।
