SIL Investments: पूरे साल ₹38 Cr का प्रॉफिट, पर Q4 में लगा ₹9 Cr का झटका!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SIL Investments: पूरे साल ₹38 Cr का प्रॉफिट, पर Q4 में लगा ₹9 Cr का झटका!
Overview

SIL Investments ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹38.21 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में **22.15%** अधिक है। हालांकि, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी को **₹9.46 करोड़** का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस हुआ, जिसका मुख्य कारण इन्वेस्टमेंट के फेयर वैल्यू में आए बड़े बदलाव रहे।

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पूरे साल की कमाई शानदार, पर तिमाही नतीजों ने किया निराश

SIL Investments Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹38.21 करोड़ (₹3,821 लाख) का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹31.28 करोड़ की तुलना में 22.15% की बढ़त दर्शाता है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी 14.70% बढ़कर ₹64.62 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹56.34 करोड़ था।

इसके विपरीत, FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी की परफॉरमेंस में गिरावट देखी गई। कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम घटकर ₹-5.42 करोड़ (₹-542 लाख) रह गई, जबकि Q4 FY25 में यह ₹0.96 करोड़ (₹96 लाख) थी। इसके चलते तिमाही में कंपनी को ₹9.46 करोड़ (₹946 लाख) का बड़ा कंसॉलिडेटेड नेट लॉस हुआ। स्टैंडअलोन (Standalone) फिगर्स में भी यही ट्रेंड दिखा, जहां तिमाही घाटा ₹4.19 करोड़ रहा।

फेयर वैल्यू के उतार-चढ़ाव ने बिगाड़ा तिमाही नतीजा

FY26 की चौथी तिमाही में हुए इस बड़े घाटे का मुख्य कारण इन्वेस्टमेंट की फेयर वैल्यू में आए बड़े बदलाव हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 'नेट लॉस ऑन फेयर वैल्यू चेंजेस' कंसॉलिडेटेड बेसिस पर ₹10.23 करोड़ रहा, जिसने सीधे तौर पर कंपनी के तिमाही नतीजों पर असर डाला। यह दर्शाता है कि कंपनी के पोर्टफोलियो में मौजूद निवेशों के बाजार मूल्य में गिरावट आई है।

₹225 करोड़ के लोन का प्रस्ताव

SIL Investments एक RBI लाइसेंस्ड मिडल लेयर NBFC और इन्वेस्टमेंट फर्म है, जो निवेश और लेंडिंग (Lending) एक्टिविटीज में शामिल है। हाल ही में, कंपनी ने ₹225 करोड़ तक के अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans) अपनी संबंधित ग्रुप एंटिटीज को देने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पॉइंट है जिस पर वे कंपनी की कैपिटल डिप्लॉयमेंट स्ट्रैटेजी (Capital Deployment Strategy) को ट्रैक करेंगे।

निवेशकों की नजर इन बातों पर

शेयरहोल्डर्स (Shareholders) कंपनी के मुनाफे में आ रहे उतार-चढ़ाव, खासकर फेयर वैल्यू के बदलावों के प्रभाव पर पैनी नजर रखेंगे। साथ ही, संबंधित पार्टियों को दिए जाने वाले ₹225 करोड़ के प्रस्तावित लोन से कंपनी की लेंडिंग और कैपिटल मैनेजमेंट की दिशा साफ होगी। कंपनी को अपनी NBFC और इन्वेस्टमेंट फर्म की दोहरी भूमिका में परफॉरमेंस और लेंडिंग इनकम को संतुलित करना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.