पूरे साल की कमाई शानदार, पर तिमाही नतीजों ने किया निराश
SIL Investments Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹38.21 करोड़ (₹3,821 लाख) का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹31.28 करोड़ की तुलना में 22.15% की बढ़त दर्शाता है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी 14.70% बढ़कर ₹64.62 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹56.34 करोड़ था।
इसके विपरीत, FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी की परफॉरमेंस में गिरावट देखी गई। कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम घटकर ₹-5.42 करोड़ (₹-542 लाख) रह गई, जबकि Q4 FY25 में यह ₹0.96 करोड़ (₹96 लाख) थी। इसके चलते तिमाही में कंपनी को ₹9.46 करोड़ (₹946 लाख) का बड़ा कंसॉलिडेटेड नेट लॉस हुआ। स्टैंडअलोन (Standalone) फिगर्स में भी यही ट्रेंड दिखा, जहां तिमाही घाटा ₹4.19 करोड़ रहा।
फेयर वैल्यू के उतार-चढ़ाव ने बिगाड़ा तिमाही नतीजा
FY26 की चौथी तिमाही में हुए इस बड़े घाटे का मुख्य कारण इन्वेस्टमेंट की फेयर वैल्यू में आए बड़े बदलाव हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 'नेट लॉस ऑन फेयर वैल्यू चेंजेस' कंसॉलिडेटेड बेसिस पर ₹10.23 करोड़ रहा, जिसने सीधे तौर पर कंपनी के तिमाही नतीजों पर असर डाला। यह दर्शाता है कि कंपनी के पोर्टफोलियो में मौजूद निवेशों के बाजार मूल्य में गिरावट आई है।
₹225 करोड़ के लोन का प्रस्ताव
SIL Investments एक RBI लाइसेंस्ड मिडल लेयर NBFC और इन्वेस्टमेंट फर्म है, जो निवेश और लेंडिंग (Lending) एक्टिविटीज में शामिल है। हाल ही में, कंपनी ने ₹225 करोड़ तक के अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans) अपनी संबंधित ग्रुप एंटिटीज को देने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पॉइंट है जिस पर वे कंपनी की कैपिटल डिप्लॉयमेंट स्ट्रैटेजी (Capital Deployment Strategy) को ट्रैक करेंगे।
निवेशकों की नजर इन बातों पर
शेयरहोल्डर्स (Shareholders) कंपनी के मुनाफे में आ रहे उतार-चढ़ाव, खासकर फेयर वैल्यू के बदलावों के प्रभाव पर पैनी नजर रखेंगे। साथ ही, संबंधित पार्टियों को दिए जाने वाले ₹225 करोड़ के प्रस्तावित लोन से कंपनी की लेंडिंग और कैपिटल मैनेजमेंट की दिशा साफ होगी। कंपनी को अपनी NBFC और इन्वेस्टमेंट फर्म की दोहरी भूमिका में परफॉरमेंस और लेंडिंग इनकम को संतुलित करना होगा।
