SG Finserve Limited ने अपने निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर दी है। कंपनी ने वॉरेनTS को इक्विटी शेयर्स में बदलकर ₹183.84 करोड़ का फंड सफलतापूर्वक जुटा लिया है। इस पैसे से कंपनी का इश्यूड और पेड-अप कैपिटल बढ़कर ₹65.27 करोड़ तक पहुंच गया है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल बूस्ट है, जो नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) SG Finserve को अपने सप्लाई चेन फाइनेंसिंग बिजनेस के विस्तार में मदद करेगा।
कंपनी ने 27 मार्च, 2026 को 54,47,222 इक्विटी शेयर्स अलॉट किए। इस ट्रांजैक्शन से कंपनी के फाइनेंसियल बेस को और मजबूती मिली है।
दरअसल, SG Finserve पहले भी वॉरेनTS के जरिए फंड जुटा चुकी है। अक्टूबर 2024 में कंपनी ने ₹450 प्रति शेयर की दर से 1 करोड़ वॉरेनTS अलॉट करने की मंजूरी दी थी। इससे पहले 19 मार्च, 2026 को 39,25,000 वॉरेनTS को ₹337.50 प्रति शेयर की दर से कन्वर्ट करके ₹132.47 करोड़ जुटाए गए थे।
हालांकि, कंपनी को कुछ रेगुलेटरी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 14 अक्टूबर, 2024 को कंपनी पर ₹28.30 लाख का जुर्माना लगाया था, क्योंकि वह अपने सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (Certificate of Registration) की शर्तों को पूरा नहीं कर पाई थी। RBI ने 25 सितंबर, 2024 को कंपनी को NBFC टाइप-1 से टाइप-2 में बदलने की मंजूरी भी दी थी।
नए शेयर्स जारी होने से SG Finserve का इक्विटी बेस बढ़ा है, जिससे ₹65.27 करोड़ के इश्यूड और पेड-अप कैपिटल ने कंपनी की फाइनेंशियल रेजिलिएंस (financial resilience) को और बढ़ाया है।
निवेशकों की नजरें कंपनी के रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) पर भी रहेंगी, खासकर RBI के जुर्माने के बाद। एनालिस्ट्स (Analysts) अभी भी संभावित रूप से बढ़ते डेट-इक्विटी रेशियो (debt-equity ratio) और 9-10% के आस-पास रहने वाले रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसी को देखते हुए MarketsMojo ने स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी है।
SG Finserve एक कॉम्पिटिटिव NBFC सेक्टर में काम करती है, जहां Bajaj Finance, Cholamandalam Investment and Finance Company, Aditya Birla Capital, और Shriram Finance जैसी बड़ी कंपनियां भी मौजूद हैं।
Q3 FY26 (फाइनेंशियल ईयर 2026 के तीसरे तिमाही) के अंत तक SG Finserve ने ₹86.28 करोड़ की ऑपरेटिंग इनकम पर ₹32.47 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। 31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹3,210 करोड़ तक पहुंच गए थे। उसी समय, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.0x से नीचे रखा गया था।
अब देखना यह होगा कि SG Finserve इस नए फंड का इस्तेमाल ग्रोथ के लिए कैसे करती है। RBI के नियमों का पालन करना और कंप्लायंस से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना महत्वपूर्ण होगा। निवेशक ROE जैसे प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स (profitability metrics) में सुधार की उम्मीद करेंगे।
