यह डेवलपमेंट बैंक के आगामी डायरेक्टर चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
दरअसल, पब्लिक सेक्टर बैंकों (Public Sector Banks) में डायरेक्टर्स के नॉमिनेशन (Nomination) की प्रक्रिया में फाइनेंशियल सर्विसेज इंस्टीट्यूशंस ब्यूरो (Financial Services Institutions Bureau - FSIB) की अहम भूमिका होती है, जिसे पहले Banks Board Bureau (BBB) के नाम से जाना जाता था। डायरेक्टर्स के पद के लिए चुने जाने वाले कैंडिडेट्स को एक कठिन सिलेक्शन प्रोसेस से गुज़रना पड़ता है और कुछ खास एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (eligibility criteria) पूरे करने होते हैं।
श्री शेखावत द्वारा अपना नॉमिनेशन वापस ले लेने के कारण, 15 मई 2026 को होने वाली जनरल मीटिंग में 4 डायरेक्टर्स के चुनाव के लिए उपलब्ध उम्मीदवारों की सूची में बदलाव आया है। अब शेयरहोल्डर्स (Shareholders) बाकी बचे योग्य नॉमिनीज़ की अपडेटेड लिस्ट में से अपने वोट से नए डायरेक्टर्स का चुनाव करेंगे।
इस डेवलपमेंट का सीधा असर State Bank of India के बोर्ड के अंतिम गठन पर पड़ेगा। निवेशक 15 मई को होने वाले इस चुनाव के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
