बोर्ड के अहम फैसले
SBFC Finance Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी की उधारी क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी की मौजूदा ₹10,000 करोड़ की लोन लेने की सीमा को बढ़ाकर अब ₹16,000 करोड़ कर दिया गया है। इस कदम से कंपनी की फाइनेंशियल कैपेसिटी (Financial Capacity) में काफी इजाफा होगा, जो ग्रोथ के लिए ज़रूरी है।
इसके साथ ही, कंपनी ₹4,000 करोड़ तक का फंड नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) या अन्य Debt Securities के ज़रिए जुटाने की भी योजना बना रही है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
फाइनेंशियल फैसलों के अलावा, बोर्ड ने सुश्री Akruti Mashkaria को 25 अप्रैल, 2026 से हेड-इंटरनल ऑडिट (Head-Internal Audit) के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दी है। कंपनी की 19वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 14 जुलाई, 2026 को आयोजित की जाएगी। इन सभी वित्तीय योजनाओं के लिए शेयरधारकों की मंजूरी ज़रूरी होगी।
इन फैसलों का असर
बढ़ी हुई उधारी सीमा SBFC Finance को फाइनेंसियल फ्लेक्सिबिलिटी (Financial Flexibility) प्रदान करेगी। इससे कंपनी अपने ऑपरेशंस को बेहतर ढंग से सपोर्ट कर सकेगी, ग्रोथ स्ट्रैटेजी को फंड कर सकेगी और अपने लोन पोर्टफोलियो का विस्तार कर सकेगी। ₹4,000 करोड़ के फंड जुटाने की योजना कंपनी के कैपिटल बेस को मजबूत करेगी और भविष्य की लेंडिंग (Lending) की मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
SBFC Finance एक नॉन-डिपॉजिट नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को फाइनेंस करने पर केंद्रित है। कंपनी ग्रोथ के लिए Debt Market का उपयोग करती रही है। अगस्त 2025 में, इसने ₹200 करोड़ के सिक्योर्ड NCDs से फंड जुटाए थे। कंपनी ने अगस्त 2023 में अपना IPO पूरा किया था।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), यानी कंपनी द्वारा प्रबंधित कुल लोन वैल्यू, अगस्त 2025 तक ₹9,351.00 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 30% की ग्रोथ दिखाता है।
- 31 मार्च, 2024 तक, सिक्योर्ड MSME लोन और लोन अगेंस्ट गोल्ड (LAG) कंपनी के AUM का 99% थे। 84% से ज़्यादा ग्राहकों का CIBIL स्कोर 700+ था।
- 31 मार्च, 2024 तक, कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो 2.43% था।
आगे क्या?
शेयरधारकों का AGM में लोन सीमा और फंड जुटाने के प्रस्तावों पर वोट। NCDs जारी करने की शर्तों और समय-सीमा का ऐलान। कैपिटल रेज़ के बाद कंपनी के परफॉरमेंस और एसेट क्वालिटी पर नज़र रहेगी।
