कंपनी ने कैसे दर्ज की दमदार ग्रोथ?
SBFC Finance ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल के मुकाबले 28.59% बढ़कर ₹1,679.50 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कुल आय ₹454.14 करोड़ दर्ज की गई। यह लगातार टॉप-लाइन ग्रोथ नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के लिए कॉम्पिटिटिव मार्केट में अहम है।
लोन बुक बढ़ी, एसेट क्वालिटी में सुधार
कंपनी की बढ़ती लोन बुक (Loan Book) इसकी वित्तीय परफॉर्मेंस का एक बड़ा कारण है। 31 मार्च 2026 तक, SBFC Finance का लोन पोर्टफोलियो ₹9,805.19 करोड़ था। इसके साथ ही, कंपनी ने क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट में भी कमाल दिखाया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) का अनुपात पिछले साल के 2.74% से घटकर 2.61% हो गया है। कंपनी की कुल संपत्ति (Total Assets) भी ₹8,595.81 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹11,085.40 करोड़ (FY26) हो गई है, जो इसकी बढ़ती लेंडिंग कैपेसिटी को दर्शाता है।
MSME सेक्टर पर फोकस
SBFC Finance मुख्य रूप से भारत में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और स्वरोजगार (Self-Employed) वाले लोगों को क्रेडिट सॉल्यूशंस देने पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी ऐसे व्यवसायों के लिए फाइनेंसिंग गैप को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगस्त 2023 में अपने सफल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के बाद से इसकी मार्केट पोजीशन और मजबूत हुई है।
