31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए SBFC Finance ने अपने नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,306.09 करोड़ से 28.59% बढ़कर ₹1,679.50 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी 30.61% की जोरदार उछाल दर्ज की गई, जो पिछले साल ₹345.17 करोड़ से बढ़कर ₹450.83 करोड़ हो गया।
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में भी कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 25.74% की तेजी के साथ ₹454.14 करोड़ दर्ज किया गया।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर कुछ सकारात्मक खबर है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेशियो घटकर 2.61% हो गया, जो पिछले साल 2.74% था। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर्स ने भी वित्तीय स्टेटमेंट्स पर अपनी बिना शर्त राय (unmodified opinion) दी है।
हालांकि, इन मजबूत नतीजों के बीच कुछ ऐसे फैक्टर भी हैं जो निवेशकों को सतर्क कर रहे हैं। कंपनी के उधार (borrowings) में काफी इजाफा हुआ है। अगर डेट सिक्योरिटीज को छोड़ दिया जाए, तो यह ₹4,135 करोड़ से बढ़कर ₹6,342 करोड़ हो गया है, जो कंपनी के लेवरेज (leverage) को बढ़ाता है।
इसके अलावा, डिफॉल्ट या खराब हो चुके लोन (stage III loans) पर प्रोविजन कवरेज रेशियो (provision coverage ratio) घटकर 41.64% रह गया है, जो पिछले वर्ष 45.69% था। यह संभावित लोन नुकसान के खिलाफ कंपनी के बफर (buffer) को कम करता है।
SBFC Finance एक नॉन-डिपॉजिट लेने वाली NBFC है जो MSME और गोल्ड लोन पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी ने टेक्नोलॉजी और डायरेक्ट सर्विस को मिलाकर अपना 'PhyGital' बिजनेस मॉडल अपनाया है।
अगर पीयर कंपनियों से तुलना करें, तो SBFC Finance का FY26 GNPA रेशियो 2.61% AU Small Finance Bank (2.47%) और Ujjivan Small Finance Bank (2.2%) के लगभग बराबर है, लेकिन Equitas Small Finance Bank का प्रोविजन कवरेज रेशियो 67% था, जो SBFC Finance के 41.64% की तुलना में काफी मजबूत है।
भविष्य में, निवेशकों की नजर SBFC Finance की कर्ज को मैनेज करने की रणनीति और एसेट क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता पर रहेगी। प्रोविजन कवरेज रेशियो में आई यह कमी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है जिस पर कंपनी को ध्यान देना होगा।
