मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Rose Merc Ltd ने अपने नतीजे पेश किए हैं, जिसमें साल भर के प्रदर्शन में 12.32% की बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹88.84 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 10.56% बढ़कर ₹17.84 करोड़ दर्ज किया गया।
Q4 में गिरावट की वजह
लेकिन, चौथी तिमाही (Q4) के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। इस तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम साल दर साल 62.92% घटकर ₹27.69 करोड़ रह गई। यह बड़ी गिरावट सब्सिडियरीज के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है, जो कंपनी के समेकित (consolidated) नतीजों को प्रभावित कर रही हैं।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन और डेट का बोझ
दूसरी ओर, स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर कंपनी की इनकम लगभग दोगुनी होकर ₹6.19 करोड़ पर पहुंच गई। इसके बावजूद, स्टैंडअलोन नॉन-करंट डेट (Standalone non-current debt) ₹2.52 करोड़ से दोगुना से भी ज़्यादा हो गया। साथ ही, ₹15.63 लाख के वारंट पेमेंट्स (Warrant payments) फॉरफीट (forfeit) किए गए।
फिनटेक की ओर कदम और चुनौतियां
यह बड़ा अंतर (annual gain vs quarterly slump) ऐसे समय में आया है जब Rose Merc Ltd अपने पारंपरिक ट्रेडिंग और रियल एस्टेट व्यवसायों से हटकर फिनटेक (Fintech) की ओर रणनीतिक बदलाव कर रही है। नए कोलैबोरेशन (collaborations) के ज़रिए कंपनी नई आय के स्रोत बनाने की कोशिश कर रही है। Infibeam Avenues Ltd. जैसी कंपनियों के फिनटेक में सफल डाइवर्सिफिकेशन के बीच, Rose Merc की यह राह चुनौतियों भरी लग रही है, और मौजूदा अस्थिरता एक मुश्किल बाज़ार को दर्शाती है।
निवेशकों की नज़र अब फिनटेक डिवीज़न से मिलने वाले संभावित रेवेन्यू पर है। साथ ही, बढ़ते डेट लेवल को संभालना कंपनी की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा। Q4 के इस अस्थिर प्रदर्शन से बिज़नेस यूनिट्स में गहरी जांच की ज़रूरत महसूस हो सकती है।