Rita Finance and Leasing Ltd ने अपने वित्तीय नेतृत्व को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पूर्व HSBC एग्जीक्यूटिव श्री मुकेश लक्ष्मण शर्मा को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 29 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।
श्री शर्मा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर में 24 वर्षों के व्यापक अनुभव के साथ आते हैं। उनके अनुभव में HSBC बैंक के साथ दो साल का महत्वपूर्ण कार्यकाल भी शामिल है। वह फरवरी 2026 में पिछले CFO के इस्तीफे के बाद खाली हुए इस पद को भरेंगे।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने श्री शर्मा की नियुक्ति को मंजूरी दी है। कंपनी का मानना है कि उनके अनुभव से वित्तीय रणनीति, अनुपालन (Compliance) और ग्रोथ की पहलों को प्रभावी ढंग से निर्देशित करने में मदद मिलेगी। यह नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि Rita Finance कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) और रणनीतिक पहलों (Strategic Initiatives) के दौर से गुजर रही है, जिसमें कैपिटल रेज़ (Capital Raise) और एक प्रस्तावित अधिग्रहण (Acquisition) भी शामिल है।
Rita Finance एक नॉन-डिपॉजिट-टेकिंग NBFC (Non-Banking Financial Company) है जो मुख्य रूप से लोन देने और सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग का काम करती है। कंपनी 1981 में स्थापित हुई थी और जनवरी 2021 से पब्लिकली लिस्टेड है।
हाल ही में, कंपनी के बोर्ड ने ₹10 करोड़ के कैपिटल एनहांसमेंट (Capital Enhancement) को ₹16 करोड़ तक बढ़ाने की मंजूरी दी थी। इसके अलावा, 26 मार्च, 2026 को बोर्ड ने ₹20 प्रति शेयर के भाव पर 60 लाख वारंट्स (Warrants) जारी करके ₹12 करोड़ जुटाने की योजना को भी मंजूरी दी थी। इसी के साथ, Rita Finance ने Aaquaria Fincart Private Limited में 45% हिस्सेदारी हासिल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं, जिसका उद्देश्य सलाहकार (Advisory) और ऋण सिंडिकेशन (Debt Syndication) फुटप्रिंट का विस्तार करना है। कंपनी ने शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) को लेकर BSE की ओर से पूछे गए एक सवाल का जवाब भी दिया था, जिसे बाजार के रुझानों और सुशासन (Good Governance) का परिणाम बताया था।
श्री शर्मा की विशेषज्ञता से कंपनी की वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) और रिपोर्टिंग क्षमताओं में काफी सुधार की उम्मीद है। उनकी लीडरशिप प्रस्तावित कैपिटल रेज़ और Aaquaria Fincart के अधिग्रहण को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण होगी। एक अनुभवी CFO की नियुक्ति से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा, खासकर जब कंपनी अपनी रणनीतिक विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इसके अतिरिक्त, वह मौजूदा नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) और वित्तीय खुलासों (Financial Disclosures) की भी देखरेख करेंगे।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी। प्रमोटर्स के पास कंपनी के लगभग 28.9% शेयर हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा (लगभग 77.3%) गिरवी (Pledged) रखा हुआ है। कुछ विश्लेषणों ने Rita Finance को 'औसत से कम गुणवत्ता वाली कंपनी' बताया है, जिसका कारण हाल के वर्षों में लाभ वृद्धि (Profit Growth) का धीमा रहना है। कंपनी ने शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी अनुभव किया है।
यह नियुक्ति Rita Finance के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। निवेशक श्री शर्मा के कंपनी में समाकलन (Integration) और वित्तीय रणनीति को आगे बढ़ाने के तरीके पर बारीकी से नजर रखेंगे। ₹12 करोड़ के वारंट इश्यू का सफल समापन और Aaquaria Fincart में 45% हिस्सेदारी के अधिग्रहण की प्रगति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
